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'नेवा' प्रणाली से काम-काज होगा पूरी तरह पेपरलेस
कोलकाता। बंगाल विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और 'पेपरलेस' बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बसु ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में सदन की पूरी कार्यवाही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) प्रणाली के अनुरूप संचालित की जाएगी। इसके साथ ही, मौजूदा विधानसभा में बड़ी संख्या में पहली बार निर्वाचित होकर आए नए विधायकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला स्वयं हिस्सा लेने के लिए कोलकाता आएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान सदन में लगभग 200 नए चेहरे चुनकर आए हैं। इन नए विधायकों को संसदीय परंपराओं, विधायी बारीकियों, नियमों और सदन की मर्यादा व कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझाने के लिए बजट सत्र के तुरंत बाद यह विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस गरिमामयी कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल होंगे और विधायकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बसु के अनुसार, 'ई-विधानसभाÓ व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद सदन की अधिकांश कार्यवाही केवल डिजिटल माध्यम से ही संचालित होगी, जिससे कागज के उपयोग में भारी कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डिजिटल क्रांति का उद्देश्य केवल तकनीकी आधुनिकीकरण करना नहीं, बल्कि विधायी कार्यों में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही को भी शीर्ष स्तर पर बढ़ावा देना है। इस नई व्यवस्था के तहत विधानसभा की रोजाना की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर काल, विभिन्न नोटिस, प्रस्ताव और अन्य विधायी दस्तावेज एक क्लिक पर डिजिटल मंच पर उपलब्ध होंगे। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों को सुविधा होगी, बल्कि देश के आम नागरिक भी सदन की आंतरिक गतिविधियों की सटीक जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही विधानसभा की कार्यवाही का सजीव (लाइव) प्रसारण भी आम जनता के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुलभ रहेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की 'नेशनल ई-विधान एप्लीकेशनÓ (नेवा) परियोजना का मूल उद्देश्य देश की संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं को एक डिजिटल धागे में पिरोना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्षों पहले सभी राज्यों से इस पारदर्शी डिजिटल अभियान में शामिल होने का पुरजोर आह्वान किया था, लेकिन राजनीतिक गतिरोध के कारण पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने इस पूरी केंद्रीय पहल से खुद को दूर रखा था। हालांकि, राज्य में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने इस दिशा में भारी तत्परता दिखाई। सरकार ने केंद्र के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर आखिरकार पश्चिम बंगाल को 'नेवाÓ परियोजना से जोड़ दिया। इस डिजिटल रिफॉर्म के बाद अब विधायक ऑनलाइन प्रश्न जमा कर सकेंगे, जबकि आम जनता भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधी नजर रख सकेगी, जिससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और मजबूत होगी।