Please wait
विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic बंगाल में फिर गहराया बारिश का खतरा, सप्ताहांत में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी Sudhir wins historic भड़काऊ बयान मामले में दो थानों से तलब किए जाने पर बोले हुमायूं कबीर — 'गिरफ्तार करना है तो कर लें, परवाह नहीं' Sudhir wins historic अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट Sudhir wins historic रामनवमी हिंसा मामले में अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली गिरफ्तार Sudhir wins historic केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा Sudhir wins historic मुख्यमंत्री की चेतावनी के 12 घंटे के भीतर कार्रवाई, हुमायूं कबीर की सभा के तीन आयोजक गिरफ्तार Sudhir wins historic प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक, पारिवारिक कानूनों में बड़े बदलाव की संभावना Sudhir wins historic कल्याण बनर्जी ने किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का समर्थन Sudhir wins historic

आयोग से सहमति लिए बिना ही बंगाल पुलिस ने तृणमूल नेताओं को दी सुरक्षा

आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले राज्य सरकार ने 832 तृणमूल कांग्रेस नेताओं तथा 144 अन्य व्यक्तियों, जिनमें सत्तारूढ़ दल के समर्थक भी शामिल हैं, की सुरक्षा के लिए कुल दो हजाल 185 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।
 

04 Apr 2026

आयोग से सहमति लिए बिना ही बंगाल पुलिस ने तृणमूल नेताओं को दी सुरक्षा

कोलकाता। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न स्तर के नेताओं को दी जा रही भारी पुलिस सुरक्षा पर गंभीर आपत्ति जताई है। आयोग ने इस मामले में पक्षपातपूर्ण रवैये की आशंका भी व्यक्त की है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले राज्य सरकार ने 832 तृणमूल कांग्रेस नेताओं तथा 144 अन्य व्यक्तियों, जिनमें सत्तारूढ़ दल के समर्थक भी शामिल हैं, की सुरक्षा के लिए कुल दो हजाल 185 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।

चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को निर्देश दिया है कि वे दो से तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि टीएमसी नेताओं को मिली सुरक्षा चुनाव आयोग की सहमति के बगैर जारी है।

इससे पहले आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस से उन राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा हटाने के अपने आदेश के पालन पर स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आयोग ने स्पष्ट किया था कि यह कार्रवाई राजनीतिक दल से परे जाकर समान रूप से की जानी चाहिए।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया था कि जिन नेताओं को नियमों के विरुद्ध सरकारी सुरक्षा दी गई है या जो जमानत या पैरोल पर बाहर हैं अथवा जिनका आपराधिक इतिहास है, उनकी सुरक्षा भी वापस ली जाए।

इसके अलावा जिन नेताओं के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं, उनके मामलों में भी आयोग ने उचित समय के भीतर वारंट लागू करने का निर्देश दिया है। हालांकि बंगाल पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की गई है, जिसे लेकर आयोग खफा है।
 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


आयोग से सहमति लिए बिना ही बंगाल पुलिस ने तृणमूल नेताओं को दी
आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले राज्य सरकार ने 832 तृणमूल कांग्रेस नेताओं तथा 144 अन्य व्यक्तियों, जिनमें सत्तारूढ़ दल के समर्थक भी शामिल हैं,





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News