वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
मानहानि केस ठोकने की तैयारी में बागी सांसद
कोलकाता। बंगाल की सत्ता पलटने के बाद तृणमूल में मचे ऐतिहासिक दलबदल और महा-विद्रोह के बीच अब सियासी जंग बेहद निजी और कड़वी अदालती लड़ाई में तब्दील होने जा रही है। तृणमूल की कद्दावर नेता और कृष्णानगर से सांसद महुआ मैत्र द्वारा बागी सांसदों पर लगाए गए 40-40 करोड़ रुपये के संगीन आरोपों के बाद पूरी राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ डटकर खड़ी महुआ मैत्र के इस विस्फोटक हमले से नाराज होकर तृणमूल छोड़ हाल ही में एनसीपीआई में शामिल हुए बागी सांसदों ने एक आपात वर्चुअल बैठक की है। इस बैठक में महुआ मैत्र के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने सहित गंभीर कानूनी कार्रवाई का खाका तैयार किया गया है। बागी खेमे का आरोप है कि महुआ ने बिना किसी सबूत के सार्वजनिक रूप से उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और उन्हें भ्रष्ट साबित करने की नीच साजिश रची है।
इस विवाद की चिंगारी महुआ मैत्र की एक सोशल मीडिया पोस्ट से भड़की, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति का हवाला देते हुए बागी सांसदों पर तीखा कटाक्ष किया था। दरअसल, शिवसेना के संजय राउत ने अपने बागियों पर 15 करोड़ लेने का आरोप लगाया था, जिसे साझा करते हुए महुआ ने लिखा कि सिर्फ 15 करोड़? इतनी कम कीमत पर क्यों? मेरा मानना है कि हमारे सांसदों ने 40 करोड़ रुपये अग्रिम लिए हैं और बाकी किस्तों में। इस सनसनीखेज दावे के बाद सुदीप बंद्योपाध्याय, देव, सायनी घोष, यूसुफ पठान और शताब्दी राय समेत पार्टी बदलने वाले 20 दिग्गज सांसदों की साख दांव पर लग गई है। बीरभूम की सांसद शताब्दी राय ने साफ संकेत दिए हैं कि वे महुआ के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता जाने के बाद बिखरी तृणमूल और इन बागी सांसदों के बीच का यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा।