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बिमल गुरुंग का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र

पहाड़ के स्थायी समाधान के लिए जीटीए भंग करने और त्रिपक्षीय वार्ता की मांग

21 Jun 2026

बिमल गुरुंग का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र

कोलकाता। दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की दशकों पुरानी राजनीतिक और प्रशासनिक समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएमएम) के अध्यक्ष बिमल गुरूंग ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर पहाड़ के मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है। शनिवार को भेजे गए इस पत्र में गुरूंग ने साफ कहा है कि केंद्र और राज्य दोनों जगहों पर भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के कारण मौजूदा परिस्थितियां इस ऐतिहासिक विवाद को सुलझाने के लिए सबसे अनुकूल हैं। उन्होंने दलील दी कि गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के प्रमुख पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं और अन्य सदस्य भी लगातार पद छोड़ रहे हैं, इसलिए अब जीटीए को पूरी तरह समाप्त घोषित कर नई व्यवस्था पर विचार शुरू करने में कोई प्रशासनिक या राजनीतिक बाधा नहीं बची है। 
गुरूंग ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से आग्रह किया है कि राज्य सरकार खुद पहल करते हुए केंद्र सरकार और पर्वतीय प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता का रास्ता साफ करे। गोरखा संगठनों का आरोप रहा है कि अतीत में केंद्र ने दो बार त्रिपक्षीय बैठक बुलाने का प्रयास किया था, लेकिन तत्कालीन तृणमूल सरकार के असहयोग के कारण कोई नतीजा नहीं निकल सका था। अब बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में समाधान की उम्मीदें काफी मजबूत हैं क्योंकि अधिकांश दलों ने केंद्र द्वारा नियुक्त मध्यस्थ के समक्ष अपने सुझाव पहले ही सौंप दिए हैं। दूसरी ओर, तृणमूल की सहयोगी पार्टी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के नेता और जीटीए के पूर्व प्रमुख अनित थापा ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि जब वे खुद इस व्यवस्था से बाहर आ चुके हैं, तो स्थायी समाधान में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। वर्षों पुराने इस पर्वतीय विवाद में बिमल गुरूंग की इस नई पहल के बाद अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और केंद्र सरकार के अगले निर्णायक कदम पर टिक गई हैं।

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