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पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक (प्रभार) मिथून दे ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान डिंडा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र मोयना में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर सड़क पर खड़े होकर धन उगाही करने का आरोप लगाया था।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में पुलिस ने भाजपा विधायक अशोक डिंडा को समन जारी कर उनसे अपने आरोपों के समर्थन में “ठोस साक्ष्य” के साथ पेश होने को कहा है। डिंडा ने आरोप लगाया था कि उनके विधानसभा क्षेत्र में मछली से लदे ट्रकों से पुलिसकर्मी अवैध वसूली करते हैं।
पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक (प्रभार) मिथून दे ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि हाल ही में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान डिंडा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र मोयना में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर सड़क पर खड़े होकर धन उगाही करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत विधायक को समन जारी किया गया। उन्होंने कहा, “हम भ्रष्टाचार-मुक्त और जनोन्मुखी सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए हमने उन्हें 16 फरवरी को उपस्थित होकर अपने आरोपों के साक्ष्य साझा करने को कहा था,”
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डिंडा ने अपने वकील के माध्यम से निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने में असमर्थता जताई और नई तारीख की मांग की है। उन्होंने कहा, “उन्हें अगली तारीख से अवगत कराया जाएगा।”
वहीं, डिंडा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह “नए पुलिस अधीक्षक” द्वारा एक विपक्षी विधायक को परेशान करने की कार्रवाई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह समन से बचेंगे नहीं और 21 से 23 फरवरी के बीच उपस्थित होने के लिए समय मांगेंगे, क्योंकि इस महीने की अन्य तिथियों में वह व्यस्त रहेंगे।
गौरतलब है कि जनवरी की शुरुआत में एक बैठक के दौरान डिंडा ने आरोप लगाया था कि “कुछ पुलिसकर्मी और नागरिक स्वयंसेवक मछली व्यापारियों के वाहनों को रोककर नियमित रूप से धन वसूलते हैं।” इस बयान का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
डिंडा ने यह भी कहा कि उन्हें पहले भी पुलिस द्वारा निशाना बनाया गया है, लेकिन वह भयभीत नहीं हैं।
भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने कहा कि डिंडा को केवल बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा, “पुलिस को कथित रूप से दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने विधायक को ही निशाना बनाया है।”