पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
आने वाले समय में भारत के युवा न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को एक नया आकार देंगे
कोलकाता। बंगाल भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, सुदीप बंद्योपाध्याय, मंत्री शशी पांजा, अरुप विश्वास ने रविवार को स्वामी विवेकानंद को उनकी 163वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता में उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के तहत प्रगति कर रहा है। आज स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती है । हम सभी इस अवसर पर यहां आए हैं। हम यहां एक छोटी मैराथन करेंगे... भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों के साथ आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में भारत के युवा न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को एक नया आकार देंगे।
अधिकारी ने कहा कि यह दिन पूरे देश में मनाया जा रहा है, खासकर बंगाल में स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए हर कोई कह रहा है कि हमें गर्व से कहना चाहिए कि हम हिंदू हैं। हमें स्वामी विवेकानंद के मूल्यों का पालन करते हुए आगे बढऩा होगा। तृणमूल महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल हमेशा स्वामीजी के उपदेस सर्वधर्म समन्वय पर चला है। हम आगे भी जीव रक्षा की मानव रक्षा के मंत्र को सामने रखकर समाज गठन का कार्य करते रहेंगे।
टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने भी कोलकाता में उनके आवास पर स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की । मीडिया से बात करते हुए बंद्योपाध्याय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श और दर्शन आजकल विश्व शांति बहाल करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। बंद्योपाध्याय ने कहा कि मुझे लगता है कि स्वामी जी के आदर्श, दर्शन आजकल विश्व शांति बहाल करने के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं और इस समय देश में जो स्थिति है, उसे स्वामी जी के आशीर्वाद और दर्शन से ही दूर किया जा सकता है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है और इसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवेकानंद, जिनका जन्म नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ था, 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में हिंदू धर्म के पुनर्जागरण में एक प्रमुख व्यक्ति थे। उनकी प्रखर वाकपटुता, पूर्वी और पश्चिमी दर्शन की गहन समझ और युवाओं की क्षमता में अटूट विश्वास ने दुनिया भर के दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में उनके ऐतिहासिक भाषण को हिंदू धर्म की वैश्विक धारणा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।
इस बीच, केंद्र सरकार स्वामी विवेकानंद की 162वीं जयंती के उपलक्ष्य में विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025 का आयोजन कर रही है । यह कार्यक्रम 11 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी को सुबह करीब 10 बजे इस संवाद में हिस्सा लेंगे।