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सरकार का लक्ष्य है कि बंगाल को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा किया जाए
कोलकाता। बंगाल सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक के बाद एक बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। मंत्रिसभा की बैठक के बाद मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि ये फैसले केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बंगाल की बढ़ती मांग और औद्योगिक भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए हैं। उन्होंने बताया किराज्य में लगातार बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए सरकार ने पीपीपी मॉडल पर बड़ा कदम उठाया है। एक पारदर्शी बिड प्रक्रिया के जरिए जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।1600 मेगावाट क्षमता के दो नए सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थापित होंगे
समझौता 25 वर्षों के लिए किया गया है। आवश्यकता पडऩे पर अतिरिक्त 5 वर्ष की अवधि बढ़ाई जा सकेगी। इस प्रस्ताव को मंत्रिसभा की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है।सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राज्य में बिजली की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और औद्योगिक निवेश को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को सशक्त करने के लिए मदर डेयरी और बंगाल डेयरी के पूर्ण विलय को मंजूरी दी है। अब यह इकाई बंगाल डेयरी के नाम से संचालित होगीइससे उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग को नई दिशा मिलेगी। किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होने की उम्मीद है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज लिमिटेड ने बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में 500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। कंपनी को 11 एकड़ जमीन आवंटित की जा रही है। इस जमीन का उपयोग अमेजऩ और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए वेयरहाउसिंग में होगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य में कौशल विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की योजना को भी हरी झंडी दी गई है। हावड़ा के अंकुरहाटी में 0.5 एकड़ जमीन तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र के लिए प्रशिक्षण की जिम्मेदारी डब्ल्यूबीआईडीसी को सौंपी गई है। पानगढ़, हरिणघाटा, जंगलसुंदरी कर्मनगरी और डोमजुड़ में कुल 1600 एकड़ जमीन पर पार्क विकसित किए जाएंगे।जमीन की पहचान और अधिग्रहण की प्रक्रिया संबंधित एजेंसियां करेंगी। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि इन फैसलों से बंगाल में औद्योगिक बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, निवेश का माहौल सुधरेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि बंगाल को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा किया जाए।