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जनता दरबार में रो पड़ी रंजना, सीएम ने दिए जांच के आदेश
कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में बुधवार को उस समय एक बेहद भावुक और संवेदनशील स्थिति पैदा हो गई, जब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही एक बेबस महिला ने न्याय की गुहार लगाई। 80 हरीश चटर्जी स्ट्रीट की निवासी रंजना हाजरा ने मुख्यमंत्री के सामने उपस्थित होकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई अजीत बनर्जी पर उनकी पैतृक संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने पीडि़ता की आपबीती को बेहद गंभीरता से सुना और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया है।
रंजना हाजरा ने मुख्यमंत्री को सौंपी गई अपनी लिखित शिकायत में दर्द बयां करते हुए दावा किया कि पिछले करीब 27 वर्षों से उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है और उनके प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी कीमती जमीनों को हड़पने की साजिश रची जा रही है। पीडि़ता के अनुसार, संपत्तियों पर अवैध कब्जे का यह खौफनाक सिलसिला वर्ष 1999 में शुरू हुआ था। आरोप है कि पहले उनकी एक संपत्ति पर जबरन कब्जा जमाकर वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की गईं और बाद में उस पर पक्का मकान भी खड़ा कर लिया गया। रंजना का कहना है कि जब भी उन्होंने इसका विरोध किया, उन्हें प्रताडऩा का शिकार होना पड़ा।
शिकायत में आगे उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2017 में हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनकी एक अन्य संपत्ति को भी जबरन कब्जे में ले लिया गया और वहां नया कारोबार शुरू कर दिया गया। रंजना हाजरा ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी जमीन बचाने के लिए कई बार स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक रसूख और प्रभाव के आगे पुलिस ने उनकी आवाज को हमेशा अनसुना कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर अभी तक अजीत बनर्जी या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है और पुलिस जांच के बाद ही इसकी पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।