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केंद्रीय जांच एजेंसी ने संभावना जतायी है कि उन उपकरणों में मौजूद दस्तावेजों से अहम जानकारियां मिल सकती हैं
कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में वित्तीय अनियमितता के मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की है।
शुक्रवार केंद्रीय जांच एजेंसी ने अलीपुर कोर्ट स्थित स्पेशल सीबीआई अदालत में आरजी कर मेडिकल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष समेत पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश किया। अन्य आरोपियों में आशीष पांडेय,मेडिकल सामानों का आपूर्तिकर्ता विप्लव सिंह, सुमन हाजरा और घोष के पूर्व सुरक्षा कर्मी अफसर अली खान भी शामिल हैं। उनके खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये हैं।
चार्जशीट सीबीआई की जांच के करीब 87 दिनों के बाद पेश किया गया है। करीब 125 पन्नों की चार्जशीट के साथ लगभग 1500 पेज के दस्तावेज भी अदालत को सौंपे गये हैं। 110 लोगों को गवाह के तौर पर भी दिखाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की मुख्य आरोपी माने जाने वाला घोष किस तरह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध तरीके से अपने सहयोगियों को टेंडर दिलवाने में मदद करता था, इसका जिक्र चार्जशीट में किया गया है। यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने अपनी संपत्ति कैसे बढ़ायी। सीबीआई ने अदालत में यह भी बताया कि मामले की जांच में अस्पताल व आरोपियों के लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड सहित कम से कम 18 डिजिटल उपकरणों की 'क्लोनÓ की गयी है। इनकी जांच जारी है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने संभावना जतायी है कि उन उपकरणों में मौजूद दस्तावेजों से अहम जानकारियां मिल सकती हैं। आरोप है कि अस्पताल में तीन साल से अधिक समय से वित्तीय भ्रष्टाचार चल रहा है। आरजी द्वारा मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर कई बार टेंडर में धांधली की गयी।