Please wait
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic सिक्किम टनल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10, ज़हरीली गैस-खराब मौसम के बीच बचाव कार्य जारी Sudhir wins historic यूक्रेन से रवाना वाणिज्यिक पोत पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत को किया तलब Sudhir wins historic

कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक बुलाने का अधिकार अध्यक्ष को : हाई कोर्ट

उच्च न्यायालय के ताजा आदेश के बाद कोलकाता नगर निगम की नियमित बैठकों के आयोजन को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर होती दिखाई दे रही है

03 Jun 2026

कोलकाता नगर निगम की मासिक बैठक बुलाने का अधिकार अध्यक्ष को : हाई कोर्ट

कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि कोलकाता नगर निगम की अध्यक्ष माला राय नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मासिक बैठक बुला सकती हैं। न्यायालय के इस आदेश को राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही अटकलों के बीच अहम माना जा रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने कहा कि नगर निगम की अध्यक्ष को कानून के तहत मासिक बैठक बुलाने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि 22 मई को आयोजित बैठक में पारित प्रस्तावों की प्रति शपथपत्र के रूप में 9 जून तक न्यायालय में जमा कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।
यह मामला तब अदालत पहुंचा था जब आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष द्वारा बैठक बुलाए जाने के बावजूद नगर निगम की नियमित मासिक बैठक आयोजित नहीं हो सकी। इसके बाद इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।
गौरतलब है कि, राज्य में सरकार बदलने के बाद कोलकाता नगर निगम को भंग किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। ऐसे माहौल में उच्च न्यायालय का यह फैसला विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इससे नगर निगम की नियमित प्रशासनिक गतिविधियों को जारी रखने का रास्ता साफ हुआ है।
सरकार परिवर्तन के बाद मेयर-इन-काउंसिल की बैठक रद्द कर दी गई थी और नगर निगम की मासिक बैठकों को भी स्थगित करने का निर्देश दिया गया था। इसी दौरान राज्य सरकार ने कोलकाता नगर निगम के सचिव को भी बदल दिया था।
22 मई को नगर निगम मुख्यालय में एक असामान्य स्थिति पैदा हो गई थी। अध्यक्ष माला राय द्वारा बैठक बुलाए जाने के बावजूद बैठक कक्ष बंद पाया गया। बैठक में भाग लेने पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के पार्षद कक्ष में प्रवेश नहीं कर सके। इसके बाद माला राय ने बैठक कक्ष के बाहर ही पार्षदों के साथ चर्चा की थी।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने इसे नगर निगम के इतिहास का “काला दिन” बताया था। उन्होंने राज्य सरकार से टकराव की राजनीति से बचने और शहरवासियों के हित में काम करने की अपील की थी। इसके बाद ही यह मामला उच्च न्यायालय पहुंचा।
उच्च न्यायालय के ताजा आदेश के बाद कोलकाता नगर निगम की नियमित बैठकों के आयोजन को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर होती दिखाई दे रही है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


निगम की मासिक बैठक बुलाने का अधिकार अध्यक्ष को
उच्च न्यायालय के ताजा आदेश के बाद कोलकाता नगर निगम की नियमित बैठकों के आयोजन को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर होती दिखाई दे रही है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News