लक्ष्मी भंडार योजना में धर्म-जाति का भेद नहीं
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गड़बेता में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया और भाजपा पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि लक्खी भंडार योजना में किसी धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता।
गड़बेता में पार्टी प्रत्याशी उत्तरा सिंह के समर्थन में आयोजित सभा में ममता ने कहा कि जिन महिलाओं ने आवेदन करने के बावजूद अभी तक लक्खी भंडार योजना का लाभ नहीं पाया है, उन्हें भी जल्द इसका लाभ मिलेगा। राज्य की माताओं और बहनों को जीवन भर इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस योजना में धर्म, वर्ण या जाति का कोई भेदभाव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आलू किसानों की समस्याओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी चिंताओं से अवगत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों के लिए फसल बीमा की व्यवस्था है, उसी तरह आलू उत्पादकों के लिए भी बीमा की व्यवस्था की गई है। यदि किसी किसान की फसल को नुकसान होता है तो उसे मुआवजा दिया जाएगा।
अपने भाषण में ममता बनर्जी ने गड़बेता विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सौर ऊर्जा परियोजनाएं, सड़क और पुल निर्माण जैसे कई विकास कार्य किए गए हैं। इसके अलावा ‘जल स्वप्न’ परियोजना के तहत 35 कार्य पूरे किए गए हैं और बस टर्मिनस के निर्माण का भी जिक्र किया।
उन्होंने लालगढ़ क्षेत्र के पुराने हिंसक दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय यह क्षेत्र हिंसा से प्रभावित था और लोगों में भय का माहौल था, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी की मंगलवार को तीन जनसभाएं निर्धारित थीं। पहली सभा चंद्रकोणा, दूसरी गड़बेता और तीसरी विष्णुपुर में आयोजित की गई, जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार किया।