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'तृणमूल पार्टी खत्म हो चुकी है'
कोलकाता। बंगाल की राजनीति में चल रहा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल की मौजूदा राजनीतिक साख और बहुचर्चित हस्ताक्षर फर्जीवाड़ा मामले को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। सोमवार को राज्य प्रशासनिक मुख्यालय नवान्न में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कालीघाट में होने वाली तृणमूल विधायकों की बैठक रद्द होने का मुद्दा उठाते हुए बड़ा दावा किया।
मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब अपनी समाप्ति की ओर बढ़ चुकी है और संगठन पर से उसका नियंत्रण पूरी तरह खो गया है। मुख्यमंत्री ने बैठक के भीतर की अंदरूनी जानकारी साझा करते हुए बताया कि रविवार को तृणमूल कांग्रेस ने अपनी प्रमुख नेता ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पार्टी के 80 विधायकों की एक बेहद अहम बैठक बुलाई थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस महत्वपूर्ण बैठक में महज 20 विधायक ही पहुंचे। पर्याप्त संख्या में विधायकों की मौजूदगी न होने के कारण अंतत: नेतृत्व को यह बैठक बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। शुभेंदु अधिकारी ने इस घटनाक्रम को रेखांकित करते हुए कहा कि यह शर्मनाक स्थिति खुद ब खुद बयां कर रही है कि तृणमूल के भीतर इस वक्त कितनी बड़ी टूट और असंतोष चल रहा है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं किसी भी तरह की प्रतिशोध की राजनीति में विश्वास नहीं रखता, लेकिन कड़वी हकीकत यही है कि अब यह पार्टी पूरी तरह उठ चुकी है। 80 में से सिर्फ मु_ी भर विधायक ही पार्टी के निर्देशों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पूरे राज्य में इतने बड़े राजनीतिक आंदोलन और जमीनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन तृणमूल के विधायक कहीं भी मैदान में दिखाई नहीं दे रहे। आज कोई भी नेता पार्टी के लिए सड़क पर उतरने को तैयार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार का मकसद किसी भी राजनीतिक दल को जानबूझकर निशाना बनाना या परेशान करना बिल्कुल नहीं है।