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अभिषेक की बुआ के घर एक घंटे रुकी जांच टीम, चुनावी बयान से जुड़े हैं तार
कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ कालीघाट स्थित हरीश चटर्जी स्ट्रीट में गुरुवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी की एक टीम भारी सुरक्षा और मुस्तैदी के साथ वहां आ धमकी। दोपहर करीब 1:40 बजे सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की गाडिय़ां हरीश चटर्जी स्ट्रीट में दाखिल हुईं और देखते ही देखते पूरी टीम 29/डी नंबर वाले एक रिहायशी आवास के भीतर प्रवेश कर गई। जांच अधिकारियों का यह काफिला करीब एक घंटे तक वहां डटा रहा और दोपहर लगभग तीन बजे परिसर से बाहर निकला। इस औचक कार्रवाई से न सिर्फ इलाके के लोग सन्न रह गए, बल्कि कोलकाता के सियासी गलियारों में भी कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सीआईडी की टीम जिस घर में जांच के लिए पहुंची थी, वह ममता बनर्जी की बहन रीना गायेन का आवास है। बताया जा रहा है कि जांच अधिकारी यहाँ अभिषेक बनर्जी की चुनाव प्रचार के दौरान की गई एक विवादित टिप्पणी के सिलसिले में पहुंचे थे। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को लेकर सीआईडी की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, जिससे इस पूरी मुस्तैदी के पीछे की असली वजह पर सस्पेंस और गहरा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के तार राजनीतिक और पारिवारिक रसूख से भी जुड़ते दिख रहे हैं। दरअसल, रीना गायेन की पुत्री अदिति गायेन तृणमूल की जमीनी और डिजिटल गतिविधियों में काफी सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। उन्हें कई अहम मौकों पर अभिषेक बनर्जी के साथ पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में देखा गया है। अंदरूनी राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि अदिति, अभिषेक बनर्जी की सोशल मीडिया और कोर प्रचार टीम का एक बेहद करीबी हिस्सा हैं। मालूम हो कि इससे पहले मशहूर फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान युवा भारती क्रीड़ांगन से अदिति की कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जो सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीआईडी अधिकारियों का यह प्रतिनिधिमंडल जब दोपहर करीब 1:50 बजे इस बहुमंजिला इमारत के पास पहुंचा, तो उन्होंने सीधे फ्लैट में जाने के बजाय पहले आसपास के कुछ स्थानीय निवासियों और पड़ोसियों से भी बातचीत की। पड़ोसियों ने बताया कि इमारत की दूसरी मंजिल पर ममता की बहन का परिवार रहता है और जांचकर्ता सीधे उसी फ्लैट में दाखिल हुए। अधिकारियों ने फ्लैट के भीतर मौजूद लोगों से काफी देर तक बातचीत की और मामले से जुड़ी कुछ आवश्यक जानकारियां और इनपुट जुटाए।
दिलचस्प बात यह है कि हरीश चटर्जी स्ट्रीट में सीआईडी की यह कोई पहली छापेमारी नहीं है। अभी पिछले सप्ताह ही सीआईडी ने एक विधायक के फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के सिलसिले में ममता बनर्जी के ठीक आवास के सामने स्थित तृणमूल कार्यालय पर धावा बोला था। उस वक्त करीब 30 अधिकारियों की एक विशाल टीम ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। भारी विरोध, बहस और तीखी नोकझोंक के बाद जांच अधिकारी पार्टी दफ्तर के अंदर घुस पाए थे। पिछले हफ्ते की उस बड़ी कार्रवाई की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि रीना गायेन के घर हुई इस नई हलचल ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर नया बवंडर खड़ा कर दिया है।