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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ की गंभीर स्थिति के लिए दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) पर मनमाने ढंग से पानी छोड़ने का आरोप लगाया और इस आपदा को 'मानव-जनित' करार दिया। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी के लिए उत्तर बंगाल के दौरे पर रवाना हुई हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे से उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री ने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को ₹5 लाख की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया। यह घोषणा राज्य में आई 'मैन-मेड' (मानव निर्मित) बाढ़ को लेकर उनके तीखे बयान के तुरंत बाद आई है, जिसके लिए उन्होंने दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) की आलोचना की थी।
मुख्यमंत्री ने केवल वित्तीय सहायता तक ही सीमित न रहते हुए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपदा में मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी भी दी जाएगी। यह कदम उन परिवारों को तत्काल आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है जिन्होंने बाढ़ के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है।
उत्तर बंगाल की स्थिति बेहद गंभीर है, जहां भारी वर्षा के कारण कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की निगरानी के लिए खुद क्षेत्र का दौरा करने का फैसला किया है। उनके साथ मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रवाना हुए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने बाढ़ के कारण उत्तर बंगाल में फंसे पर्यटकों के लिए भी विशेष सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपदा में फंसे सभी पर्यटकों को पुलिस सुरक्षित रूप से निकालेगी और उनके ठहरने का सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। होटल मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फंसे हुए पर्यटकों से कोई शुल्क न लें, जिससे उनकी चिंता कम हो सके।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने बाढ़ की स्थिति को 'मैन-मेड कैटास्ट्रॉफी' (मानव-जनित आपदा) बताते हुए DVC पर भारी मात्रा में पानी छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि DVC के मनमाने ढंग से पानी छोड़ने के कारण ही यह बाढ़ आई है, जिससे करोड़ों लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि DVC बांधों में गाद निकालने (Dredging) का काम न होने के कारण उनकी जल-धारण क्षमता समाप्त हो गई है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री की घोषणाएं और उत्तर बंगाल का दौरा उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करेगी। ₹5 लाख के मुआवजे और होमगार्ड की नौकरी की पेशकश के साथ, राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वह लोगों के जान-माल के नुकसान की भरपाई करे और उन्हें जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद करे।