Please wait
फीफा विश्व कप 2026: ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास Sudhir wins historic बारुईपुर नाबालिग हत्याकांड : 6 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित, एक और आरोपित गिरफ्तार Sudhir wins historic शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ Sudhir wins historic डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नया मामला, ‘सेवाश्रय’ शिविर जांच के घेरे में Sudhir wins historic विपक्षी विधायकों को मिलेगा समान सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार, विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी Sudhir wins historic तृणमूल के तीन बैंक खातों पर रोक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बैंक से हलफनामा और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब Sudhir wins historic

कॉलेजों में अब नहीं कटेगी 'छात्र संघ शुल्क' की जेब!

शुभेंदु सरकार का कड़ा फैसला, 30 दिन में मांगी पाई-पाई का हिसाब

02 Jun 2026

कॉलेजों में अब नहीं कटेगी 'छात्र संघ शुल्क' की जेब!

कोलकाता। बंगाल की उच्च शिक्षा व्यवस्था में वित्तीय सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए नवान्न (राज्य सचिवालय) ने एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों को तत्काल प्रभाव से स्टूडेंट यूनियन फीस वसूलना बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को अगले 30 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट जमा करने का फरमान जारी किया है। तय समय सीमा में रिपोर्ट न सौंपने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 
सरकार के इस बड़े फैसले के पीछे छात्र संघ फंड के इस्तेमाल में होने वाली वित्तीय गड़बडिय़ों को रोकना है। शिक्षा विभाग का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में राज्य के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई छात्र संघ कमेटी अस्तित्व में नहीं है। नियमों के मुताबिक, जब निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि ही नहीं हैं, तो संस्थानों को छात्रों से इस मद में शुल्क वसूलने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। इसके बावजूद सालों से कई कॉलेजों में अवैध रूप से यह फीस वसूली जा रही थी, जिसे अब पूरी तरह बैन कर दिया गया है। 
राज्य सरकार ने केवल इस वसूली पर रोक ही नहीं लगाई है, बल्कि पिछले वर्षों में छात्र संघ के नाम पर वसूले गए करोड़ों रुपयों का पूरा हिसाब भी मांगा है। विश्वविद्यालयों को अब यह लिखित ब्योरा देना होगा कि फंड का पैसा किन-किन कामों में खर्च हुआ और कितना पैसा अभी बैंक खातों में शेष है। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से कॉलेजों में वर्षों से जारी वित्तीय मनमानी पर लगाम लगेगी। नवान्न के इस कड़े आदेश के बाद अब राज्य भर के शिक्षण संस्थानों में हड़कंप मच गया है और 30 दिन के भीतर अपनी बैलेंस शीट दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


कॉलेजों में अब नहीं कटेगी 'छात्र संघ शुल्क' की जेब!
शुभेंदु सरकार का कड़ा फैसला, 30 दिन में मांगी पाई-पाई का हिसाब





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News