वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
ममता के समर्थन में अरविंद केजरीवाल की प्लानिंग, साथ देंगे पवार?
कोलकाता। लोकसभा चुनाव से पहले अस्तित्व में आए इंडिया गठबंधन की उम्र अब कुछ ज्यादा नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन, बाद के विधानसभा चुनावों में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच तकरार ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गठबंधन के करीब-करीब सभी क्षेत्रीय दल कांग्रेस पार्टी के रुख से नाराज हैं। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम प्रमुख हैं।
ममता बनर्जी ने खुलेआम इंडिया गठबंधन की कमान अपने हाथ में लेने की चाहत जता चुकी है। बिहार के पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी ममता बनर्जी की दावेदारी का समर्थन किया था। अब दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुके हैं। यहां मुख्य मुकाबला आप और भाजपा के बीच है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी ने भी पूरे दमखम से चुनाव लडऩे का फैसला किया है। ऐसे में आप नेताओं ने इंडिया अलायंस से कांग्रेस को ही बाहर करने की मांग कर दी है। कांग्रेस अब तक 47 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को पार्टी ने नई दिल्ली सीट से टिकट दिया है। यहां से आप सुप्रीम अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ते हैं। कांग्रेस पूरे दमखम से मैदान में उतर रही है। वह आप की कड़ी आलोचना कर रही है। संदीप दीक्षित ने तो आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने उपराज्यपाल से शिकायत करने की बात कही है। वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि महिला योजना को लेकर अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी पर केस दर्ज होना चाहिए। मेरे घर की जासूसी और पंजाब पुलिस की गाडिय़ों की दिल्ली में प्रवेश पर निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह 2100 वाली योजना पर धोखाधड़ी के लिए मुख्यमंत्री आतिशी, केजरीवाल के खिलाफ केस दर्ज करने की एलजी से मांग करेंगे। धोखाधड़ी से लाखों महिलाओं का संग्रह किया गया डाटा वापस किया जाए। कांग्रेस की इस आक्रमकता से आप नाराज है।
सूत्रों का कहना है कि आप नेता इंडिया एलायंस से कांग्रेस को बाहर करने पर दूसरी पार्टियों से बातचीत करेंगे। उनका कहना है कि कांग्रेस बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है। दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं के बयानों को लेकर भी आप नेता नाराज हैं। ऐसे में अब देखना यही है कि इंडिया ब्लॉक में मचे इस राजनीतिक घमासान का अंत कब होता है।