बे ऑफ प्लेंटी का मैदान नाम के अनुरूप इस दिन सिर्फ न्यूजीलैंड के लिए ही फलदायी साबित हुआ। वेस्टइंडीज की टीम 30 साल बाद न्यूजीलैंड में टेस्ट जीत का सपना लेकर उतरी थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, वह मुकाबले से दूर होती चली गई। दिन भर चले रिकॉर्ड और आंकड़ों के बीच रोस्टन चेज़ की अगुआई वाली टीम दर्शक मात्र बनकर रह गई।
माउंट माउंगानुई। डेवोन कॉनवे (नाबाद 178) और टॉम लैथम (137) की शानदार और धैर्यपूर्ण शतकीय पारियों की बदौलत न्यूजीलैंड ने पहले टेस्ट के पहले दिन वेस्टइंडीज पर पूरी तरह दबदबा बना लिया। दोनों ओपनरों ने पूरे दिन विकेट पर टिककर मेहमान गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
बे ऑफ प्लेंटी का मैदान नाम के अनुरूप इस दिन सिर्फ न्यूजीलैंड के लिए ही फलदायी साबित हुआ। वेस्टइंडीज की टीम 30 साल बाद न्यूजीलैंड में टेस्ट जीत का सपना लेकर उतरी थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, वह मुकाबले से दूर होती चली गई। दिन भर चले रिकॉर्ड और आंकड़ों के बीच रोस्टन चेज़ की अगुआई वाली टीम दर्शक मात्र बनकर रह गई।
इस मैदान पर खेले गए पिछले पांच टेस्ट मैचों में पहले सत्र में विकेट गिरा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। न्यूजीलैंड के नियमित कप्तान केन विलियमसन को बल्लेबाजी के लिए अब तक का सबसे लंबा इंतजार करना पड़ा। ओपनिंग जोड़ी इतनी सहज नजर आई कि विकेट गिरने का कोई संकेत नहीं मिला।
टॉम लैथम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का साहसिक फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। उन्होंने बेहद तकनीकी और पाठ्यपुस्तक जैसी बल्लेबाजी करते हुए अपना 15वां टेस्ट शतक पूरा किया। इस पारी के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ओपनर के रूप में 6000 रन भी पूरे किए। लैथम शाम 6.30 बजे 137 रन बनाकर आउट हुए, जिससे पूरे दिन विकेट न गिरने का सपना बस एक कदम दूर रह गया।
दूसरी ओर, डेवोन कॉनवे ने आलोचनाओं को पीछे छोड़ते हुए जबरदस्त वापसी की। हाल के समय में उनकी कई पारियां जल्दी समाप्त हुई थीं, लेकिन घास से भरी पिच पर उन्होंने शानदार संयम दिखाया। शुरुआती कठिन दौर के बाद उन्होंने रन गति बढ़ाई और चार साल पहले लॉर्ड्स में दोहरे शतक के बाद अपनी सबसे लंबी टेस्ट पारी खेली। कॉनवे ने चोट और ऐंठन के बावजूद बल्लेबाजी जारी रखी और नाबाद 178 रन बनाकर दिन का अंत किया।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को पिच से कुछ मदद जरूर मिली, लेकिन वे उसका लगातार फायदा उठाने में नाकाम रहे। एंडरसन फिलिप और अन्य गेंदबाजों ने कुछ बेहतरीन गेंदें फेंकीं, लेकिन अनुशासन की कमी के कारण वे विकेट नहीं निकाल सके। लैथम को 104 रन पर जीवनदान मिलना भी मेहमान टीम के लिए महंगा साबित हुआ।
दिन के अंत तक न्यूजीलैंड ने एक विकेट पर 334 रन बना लिए हैं और मुकाबले में पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया है। अब वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे टीम को इस दबाव से निकालें।
स्टंप्स, पहला दिन:
न्यूजीलैंड 334/1
डेवोन कॉनवे 178*
टॉम लैथम 137
(वेस्टइंडीज के लिए रोच 1/63)