तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया
हर इंच निर्माण की होगी पैमाइश, जमा करनी होगी नई एलिवेशन कॉपी
कोलकाता। बंगाल में चल रहे बड़े सियासी फेरबदल के बीच तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने उनकी संपत्तियों को लेकर अपनी जांच का दायरा बेहद कड़ा कर दिया है। निगम प्रशासन ने अभिषेक बनर्जी के बहुचर्चित आवास शांतिनिकेतन भवन सहित उनकी अन्य संपत्तियों के लिए एक नई एलिवेशन कॉपी (भवन का विस्तृत ढांचागत स्केच) जमा करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। निगम के इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या इस आलीशान इमारत के निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन किया गया है और मूल योजना से अलग कोई अवैध निर्माण तो नहीं जोड़ा गया।
नगर निगम के बिल्डिंग विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अब इस मौजूदा भवन की पूरी आंतरिक और बाहरी संरचना का एक नया और पूरी तरह सटीक स्केच तैयार कर निगम मुख्यालय में जमा करना होगा। इस नए नक्शे की गहन तुलना उस मूल एलिवेशन कॉपी से की जाएगी, जो सालों पहले भवन निर्माण की शुरुआती अनुमति लेते समय विभाग में जमा कराई गई थी। जांच अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस नए स्केच में इमारत के हर इंच का सटीक विवरण और पैमाइश दर्ज होनी चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए एक लाइसेंस्ड बिल्डिंग सर्वेयर (एलबीएस) की मदद ली जाएगी, जो मौके पर जाकर पूरी मैपिंग तैयार करेगा।
दरअसल, रियल एस्टेट और नागरिक नियमों के तहत एलिवेशन कॉपी किसी भी भवन निर्माण प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज माना जाता है। जब कोई भवन बनाने की अनुमति ली जाती है, तो इस स्केच के जरिए यह दिखाना अनिवार्य होता है कि इमारत की कुल ऊंचाई कितनी होगी, सामने और किनारों का डिज़ाइन कैसा रहेगा, और कौन-सी संरचना किस सटीक स्थान पर बनेगी। यह विशेष ड्रॉइंग अक्सर एक नीले रंग के कागज पर तैयार की जाती है, जिसे बोलचाल में ब्लूप्रिंट भी कहा जाता है, और यही वजह है कि अब इस नीले कागज को लेकर कोलकाता के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।
आमतौर पर नियम के मुताबिक, इस मूल एलिवेशन कॉपी की एक प्रति कोलकाता नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रहती है, जबकि दूसरी प्रति भवन के मालिक के पास होती है। अब निगम प्रशासन इन दोनों पुरानी और नई कॉपियों का आमने-सामने मिलान करने जा रहा है, ताकि यह साफ हो सके कि अनुमति मिलने के बाद इमारत में कोई अतिरिक्त हिस्सा या मंजिल तो नहीं जोड़ी गई। कोलकाता नगर निगम के उच्च पदस्थ सूत्रों का साफ मानना है कि यह नई एलिवेशन कॉपी आने वाले दिनों में अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों में हुए कथित नियमविरुद्ध और अवैध निर्माण की जांच में सबसे बड़ा और निर्णायक कानूनी हथियार साबित हो सकती है।