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मेले के मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विविधता में एकता की जीवंत झलक देखने को मिली
कोलकाता। राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को कोलकाता के शहरवासियों के करीब लाने के उद्देश्य से मारवाड़ी संस्कृति मंच द्वारा लोकप्रिय राजस्थानी सांस्कृतिक उत्सव मरुधर मेला का आयोजन सेंट्रल पार्क के सामने किया जा रहा है। यह मेला 24 दिसंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगा। मेला प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा, जबकि अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को यह आधी रात तक जारी रहेगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य कोलकाता में रहने वाले मारवाड़ी समाज की नई पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से परिचित कराना है।
पूरे मेला परिसर को राजस्थान हरियाणा के पारंपरिक गांव की तर्ज पर सजाया गया है। यहां रेत के टीले, ऊंट सवारी, बैलगाड़ी की सैर और बच्चों के लिए विशेष किड्स ज़ोन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। साथ ही पुरुलिया के छाऊ नृत्य की महक सदा की तरह बेमिसाल रही। मेले के मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विविधता में एकता की जीवंत झलक देखने को मिली।
मारवाड़ी संस्कृति मंच के चेयरमैन ललित बेरीवाला ने बताया कि यह मेला पिछले 13 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और आज यह पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक मेला बन चुका है। मारवाड़ी संस्कृति मंच के प्राणपुरुष ललित कुमार प्रहलादका ने कहा कि हर वर्ष जैसे ही मेला समाप्त होता है, उसी समय से अगले वर्ष की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि यह मेला राजस्थान की संस्कृति, कला और परंपराओं को समर्पित है। मेले में चोखी धाणी का पारंपरिक खाना लोगों को खासा पसंद आता है। इस बार विशेष रूप से राजस्थान से अनुभवी शेफ बुलाए गए हैं, ताकि दर्शकों को एकदम असली राजस्थानी स्वाद मिल सके।
सचिव विकास पोद्दार ने बताया कि इस बार पहले ही दिन से लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, वहीं 25 दिसंबर को रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल मिलाकर मेले में पिछले सभी रिकॉर्ड टूटेंगे। साथ ही लोगों ने डांडिया किंग्स केयूर-नयन मेहता के साथ मरूधर मेला में डांडिया के रंग मरुधर के संग खेलकर उत्सव का आनंद लिया। इसके अलावा मेला की सांस्कृतिक छटा को तरंगित करने में सुमित-अमित राणा की अगुवाई में लोककलाकारों की टोली, मेघराज मारवाड़ी के नेतृत्व में ढ़प धमाल और सुशील कुमार की देखरेख में हरियाणवी कलाकारों का योगदान उल्लेखनीय है।
गुप्ता ब्रदर्स के पप्पू गुप्ता की देखरेख में चल रहे फ़ूड कोर्ट पर भी खास रौनक रही। जहाँ एक तरफ राजस्थान के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेने के लिए चोखी ढाणी में खास लोगों की कतार लगी वहीं परिसर में निर्मित विशाल फूड कोर्ट में चटपटे, रसदार भारतीय व चाइनीज खानों के लिए भी लोग बेताब दिखे।
मेला में उमड़ती भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मंच के पदाधिकारी अरुण भुवालका, रमेश बागला, आदित्य मूंधड़ा, दिनेश संचेती, दीपक संघई, विनोद अग्रवाल, अंजनी धानुका, महाबीर बंका, अंकित प्रहलादका, विजय चाँदगोठिया, कौशल अग्रवाल और सहित चोखी ढाणी के प्रबंधन में महिला विभाग की चंदा प्रहलादका, अंनु बागला, मंजू धानुका, विनीता अग्रवाल, प्रीति शाह की सक्रियता सराहनीय है।