एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म
हेयर स्ट्रीट थाने की पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगडऩे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए छठा मामला दर्ज किया है
कोलकाता। धर्मतल्ला में नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान भड़की भीषण हिंसा और मीडियाकर्मियों पर हुए बर्बर हमलों को लेकर कोलकाता पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक कुल सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से छह मामले अकेले हेयर स्ट्रीट थाने में और एक मामला एंटाली थाने में दर्ज किया गया है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की कड़ा धाराओं के तहत पत्रकारों पर हमला, पुलिस बल पर जानलेवा हमला, गैर-कानूनी जमावड़ा, सरकारी काम में बाधा डालने, सड़क जाम करने और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 लोगों को हिरासत में लिया है जबकि मटियाब्रुज के राजाबगान के रहने वाले मो. अफरोज को अंडाल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आशंका जतायी है कि अफरोज अंडाल के रास्ते बंगाल से बाहर भागने की कोशिश में था, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ती के अनुसार, 24 जुलाई को धर्मतल्ला और डोरिना क्रॉसिंग क्षेत्र में उग्र भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने न केवल आम राहगीरों और पुलिसकर्मियों पर बल्कि कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी जूते, लाठियां, पानी की बोतलें और भारी पत्थर बरसाए थे। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए फौरन एनआरएस और एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। हेयर स्ट्रीट थाने में विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों के घायलों—जिसमें आज तक बांग्ला के राही हलदार, आर प्लस न्यूज के रिक पुरकायस्थ, टीवी9 बांग्ला के सुमन महापात्र व कैमरामैन माखन चंद्र पात्र और ई समय के शिलादित्य कर शामिल हैं-की लिखित शिकायतों के आधार पर पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, हेयर स्ट्रीट थाने की पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगडऩे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए छठा मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि बिना किसी पूर्व अनुमति के विभिन्न संगठनों के झंडे लेकर पहुंची अनियंत्रित भीड़ को लाउडस्पीकर से बार-बार हटने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन भीड़ ने पुलिस, पत्रकारों और नागरिकों पर हमला बोलकर पूरे यातायात को ठप कर दिया। वहीं, सातवां मामला एंटाली थाने में दर्ज किया गया है, जहाँ एक घायल नागरिक ने एसएफआई, डीवाईएफआई, सीजेपी और अन्य वामपंथी संगठनों के समर्थकों पर मारपीट और हिंसा फैलाने का सीधा आरोप लगाया है।
लालबाजार के सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों और मीडिया के वीडियो फुटेज को खंगाला जा रहा है, जिससे कई मुख्य संदिग्धों की पहचान पूरी हो चुकी है और उनकी धरपकड़ के लिए छापे मारे जा रहे हैं।