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पीडि़ता के दोस्त की गिरफ्तारी से बदला केस का रुख
कोलकाता। दुर्गापुर के सनसनीखेज़ दुष्कर्म कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस सहपाठी पर पीडि़ता भरोसा कर कॉलेज से बाहर निकली थी, वही उसका सबसे बड़ा गुनहगार निकला। पुलिस ने मंगलवार देर रात नामजद आरोपित वासिफ अली को गिरफ्तार कर लिया। वासिफ एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र है और मालदा का रहने वाला है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस केस के सभी छह आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पीडि़ता का गुप्त बयान मंगलवार को अस्पताल में दर्ज किया गया। बयान में छात्रा ने बताया कि सहपाठी वासिफ ने पहले उसे कॉलेज के बाहर ले जाकर छेड़छाड़ की। तभी तीन युवक वहां पहुंचे और उनमें से एक ने रेप किया। इसके बाद दो और युवक आ गए। इन लोगों ने छात्रा का मोबाइल छीन लिया और उसे वापस करने के लिए तीन हजार रुपये की डिमांड की। छात्रा ने खुलासा किया कि आरोपियों ने उसी के फोन से कॉल कर उसके दोस्त (छात्र) को बुलाया था। रुपये न देने पर मोबाइल लेकर फरार हो गए। इस दौरान वासिफ मौके से भाग गया। पीडि़ता के पिता शुरू से ही सहपाठी पर शक जता रहे थे। उन्होंने एफआईआर में नामजद आरोपित भी बनाया था। पुलिस ने वासिफ से लगातार चार दिन पूछताछ की और घटना का रिक्रिएशन भी करवाया। आखिरकार सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया। हालांकि पीडि़ता के पिता का कहना है कि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है। गौरतलब है कि शुक्रवार की रात छात्रा अपने इसी सहपाठी के साथ खाने के लिए निकली थी। जैसे ही दोनों जंगल के पास पहुंचे, वासिफ ने जाल बिछाया और कुछ ही मिनटों में वहां पांच युवक आ धमके। इसी साजिश के बीच वारदात को अंजाम दिया गया।