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इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार ने लालबाजार स्थित साइबर थाने में एक नई 24 घंटे की समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की
कोलकाता। महानगर के पूर्व पुलिस आयुक्त और वर्तमान डायरेक्टर ऑफ सिक्योरिटी मनोज वर्मा के पुत्र पीयूष वर्मा से साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पुलिस महकमे और लालबाजार में हड़कंप मचा दिया है। ठगों ने पीयूष के बैंक खाते से 30 हजार रुपये उड़ा लिए, जिसकी शिकायत उन्होंने लालबाजार के साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय की है जब पीयूष अपनी उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। दिल्ली में रहने के लिए वे ऑनलाइन माध्यम से किराये का फ्लैट तलाश रहे थे। इसी दौरान फ्लैट के लेन-देन के नाम पर उन्होंने एक यूपीआई आईडी के जरिए भुगतान किया। भुगतान के कुछ समय बाद ही उनके खाते से धोखाधड़ी कर 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने कोलकाता पुलिस के साइबर सेल से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही हरकत में आई कोलकाता पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर ओडिशा से राकेश प्रधान नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, पूछताछ में आरोपी राकेश ने चौंकाने वाला दावा किया है। उसने पुलिस को बताया कि उसके बैंक खाते का संचालन दिल्ली के दो अन्य युवक, संजय और अक्षय कर रहे थे। फिलहाल पुलिस राकेश को हिरासत में लेकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस आयुक्त ने जारी किया 24 घंटे का हेल्पलाइन नंबर साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए कोलकाता पुलिस अब बेहद सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार ने लालबाजार स्थित साइबर थाने में एक नई 24 घंटे की समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की। अधिकारियों ने बताया कि अब नागरिक 1800-3450066 पर किसी भी समय कॉल कर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं या मदद ले सकते हैं।
पुलिस आयुक्त ने अपील की है कि यदि किसी को ठगी का अंदेशा हो, तो वह गोल्डन ऑवर (शुरुआती समय) में ही इस नंबर पर सूचित करे, ताकि ठगी गई राशि को बैंक स्तर पर फ्रीज कर बचाया जा सके।