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अधिकारी ने यह भी कहा कि भाजपा विधायक बुधवार को विधानसभा के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे
कोलकाता। विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने मंगलवार को सदन के सचिव को निर्देश दिया कि वह भाजपा के विधायकों को सदन की कार्यवाही से संबंधित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध न कराएं। बनर्जी का यह निर्देश तब आया जब भाजपा के विधायकों ने विधानसभा में सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए, क्योंकि अध्यक्ष ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों पर कथित हमलों को लेकर सदन को स्थगित करने के उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया था। अध्यक्ष ने बच्चों से संबंधित एक विधेयक पेश करने के भाजपा विधायकों के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। बिमान बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहले भी भाजपा विधायकों ने विधानसभा में विरोध प्रदर्शन करते हुए सदन की कार्यवाही के दस्तावेज फाड़े थे।
उन्होंने सदन के सचिव से कहा कि उन्हें (भाजपा विधायकों को) विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित कागजात न दें। इस बीच, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बनर्जी के निर्णय को 'भारतीय संविधान में सबसे दुर्लभ घटनाÓ बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर भी लोकतंत्र नहीं है। विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही है। तृणमूल कांग्रेस सरकार हर काम जबरदस्ती करने की कोशिश कर रही है। भाजपा विधायकों का बहिर्गमन इसी के विरोध में है। अधिकारी को बजट सत्र के दौरान अध्यक्ष के आसन का कथित रूप से अपमान करने के आरोप में 18 मार्च तक विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि भाजपा विधायक बुधवार को विधानसभा के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।