विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है, जिससे कृषि क्षेत्र और जल सुरक्षा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जून में शुष्क मौसम के बाद, विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई में होने वाली बारिश की कमी से स्थिति और बिगड़ सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई महीने के लिए एक चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें देश के बड़े हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने का अनुमान है, जिससे कृषि क्षेत्र और जल सुरक्षा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जून में शुष्क मौसम के बाद, विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई में होने वाली बारिश की कमी से स्थिति और बिगड़ सकती है।
मौसम विभाग इस बदलते मौसम पैटर्न पर करीब से नजर रख रहा है ताकि घरेलू खाद्य उत्पादन पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सके। कम बारिश की वजह से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है। सरकार और संबंधित एजेंसियां इस स्थिति से निपटने के लिए संभावित उपायों पर विचार कर रही हैं। यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब देश को अच्छी मानसूनी बारिश की सख्त जरूरत है।