Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित Sudhir wins historic कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़ित परिवार का सुप्रीम कोर्ट में विरोध नहीं करेगी राज्य सरकार, कानूनी सहायता भी देगी - मुख्यमंत्री Sudhir wins historic आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला : पीड़िता के परिजनों से मिलीं भाजपा नेता लाकेट चटर्जी और मंत्री अग्निमित्रा पाल Sudhir wins historic पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic

बंगाल चुनाव में फर्जी मतदान रोकने को चुनाव आयोग सख्त

वोटर स्लिप वितरण से पहचान सत्यापन तक कई कदम

20 Apr 2026

बंगाल चुनाव में फर्जी मतदान रोकने को चुनाव आयोग सख्त

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी भी प्रकार की धांधली, फर्जी मतदान और बूथ कब्जे की आशंका को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने विशेष रूप से वोटर स्लिप वितरण, मतदाता पहचान सत्यापन और मतदाता सूची की दोबारा जांच को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता का पहला बड़ा परीक्षण 23 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के मतदान में होगा।
आयोग के निर्देशानुसार बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर स्लिप सौंपेंगे। यदि संबंधित मतदाता घर पर मौजूद नहीं मिलता है, तो परिवार के किसी वयस्क सदस्य की पहचान पत्र जांचने के बाद उसे स्लिप दी जाएगी।
वोटर स्लिप देने के बाद संबंधित रजिस्टर में हस्ताक्षर लेना अनिवार्य किया गया है। साथ ही किसी एक व्यक्ति को कई मतदाताओं की स्लिप एक साथ देने पर रोक लगा दी गई है।
यदि किसी घर में संबंधित मतदाता नहीं मिलता और स्लिप वितरित नहीं हो पाती है, तो इसकी पूरी जानकारी बूथ स्तरीय अधिकारी को दर्ज करनी होगी। मतदान के दिन यह सूचना पीठासीन अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कोई मतदाता वोटर स्लिप के बिना मतदान केंद्र पहुंचता है, तो उसके पहचान पत्र की विशेष रूप से जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि उसने वोटर स्लिप क्यों प्राप्त नहीं की।
मतदाता सूची में अनुपस्थित, लापता, मृत या दोहराए गए नामों की अंतिम समय में एक बार फिर समीक्षा की जाएगी। इसी कारण स्लिप वितरण के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी यह भी सत्यापित करेंगे कि सूची में दर्ज व्यक्ति वास्तव में मौजूद है या नहीं।
यह जानकारी रिटर्निंग अधिकारी अथवा सहायक रिटर्निंग अधिकारी को भेजी जाएगी और मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी के पास भी उपलब्ध रहेगी।
चुनाव आयोग का मानना है कि इन उपायों से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मतदान करने या फर्जी वोट डालने की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


बंगाल चुनाव में फर्जी मतदान रोकने को चुनाव आयोग सख्त
वोटर स्लिप वितरण से पहचान सत्यापन तक कई कदम





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News