Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित Sudhir wins historic कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़ित परिवार का सुप्रीम कोर्ट में विरोध नहीं करेगी राज्य सरकार, कानूनी सहायता भी देगी - मुख्यमंत्री Sudhir wins historic आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला : पीड़िता के परिजनों से मिलीं भाजपा नेता लाकेट चटर्जी और मंत्री अग्निमित्रा पाल Sudhir wins historic पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic

मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा

अनिश्चितकाल तक तैनात रहेंगे 50 हजार केंद्रीय जवान

03 Apr 2026

मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा

कोलकाता। बंगाल में चुनावी रंजिश और हिंसा के रक्तरंजित इतिहास को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े और असाधारण बंदोबस्त किए हैं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में लोकतंत्र के महापर्व की आहुति पडऩे के बाद भी सुरक्षा घेरा कम नहीं होगा। मतदान संपन्न होने के उपरांत भी करीब 50 हजार केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान अनिश्चितकाल के लिए बंगाल की धरती पर तैनात रहेंगे। आयोग का यह फैसला उन आशंकाओं को देखते हुए आया है, जिनमें चुनाव के बाद होने वाली संभावित हिंसा (पोस्ट पोल वायलेंस) की बात कही जा रही है। 
अधिसूचना के अनुसार, केवल ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए ही 200 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 500 कंपनियों के बराबर बल राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद रहेंगे। सामान्यत: मतदान के बाद सुरक्षा बलों की रवानगी शुरू हो जाती है, लेकिन बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने शांतिपूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा रुख अख्तियार किया है। 
हाल ही में कालियाचक में जिस तरह मतदाता सूची विवाद को लेकर न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाया गया, उसने प्रशासनिक तंत्र की चूलें हिला दी हैं। इस घटना पर सर्वोच्च न्यायालय ने भी तीखी नाराजगी जाहिर की है, जिसके बाद राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को जवाबदेह ठहराते हुए नोटिस थमाया गया। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी के हाथों में है। इसी प्रशासनिक दबाव और न्यायिक सक्रियता के बीच निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित किया है। 
आयोग के इस भारी-भरकम सुरक्षा इंतजाम को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जहाँ एक पक्ष इसे आयोग की अति-सक्रियता करार दे रहा है, वहीं निर्वाचन सदन का तर्क है कि प्रत्येक मतदाता की सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील बूथों और इलाकों में विशेष निगरानी के लिए अतिरिक्त बटालियनें पहले ही मोर्चा संभाल चुकी हैं। प्रशासन की इस अभेद्य घेराबंदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बंगाल में चुनावी परिणाम के बाद रक्तचरित्र दोहराने की गुंजाइश न के बराबर छोड़ी जाएगी।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा
अनिश्चितकाल तक तैनात रहेंगे 50 हजार केंद्रीय जवान





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News