प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान
आईएएफ ने चार-लेन वाले हाईवे पर पहले एक कार्गो एयरक्राफ्ट को लैंड कराने के बाद कई ट्रायल किए। इसके बाद राफेल और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स ने हाईवे पर उतरकर एयर ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया। कार्गो एयरक्राफ्ट के ऑपरेशन के बाद, ऑपरेशनल तैयारी चेक के हिस्से के तौर पर नए बने हिस्से पर फाइटर जेट का टेस्ट किया गया।
डिब्रूगढ़ (असम)। इंडियन एयर फोर्स (आईएएफ) असम के मोरान में नेशनल हाईवे-127 पर फाइटर एयरक्राफ्ट की टेस्ट लैंडिंग और टेक-ऑफ की तैयारियों को अमलीजामा पहनाने में जुटा हुआ है। हाइवे पर बुधवार के साथ ही गुरुवार काे भी फाइटर एयरक्राफ्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग का अभ्यास कर रहे हैं। यह अभ्यास आगामी 14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले राज्य में अपनी तरह का पहला अभ्यास है।
आईएएफ ने चार-लेन वाले हाईवे पर पहले एक कार्गो एयरक्राफ्ट को लैंड कराने के बाद कई ट्रायल किए। इसके बाद राफेल और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स ने हाईवे पर उतरकर एयर ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया। कार्गो एयरक्राफ्ट के ऑपरेशन के बाद, ऑपरेशनल तैयारी चेक के हिस्से के तौर पर नए बने हिस्से पर फाइटर जेट का टेस्ट किया गया।
चार-लेन वाली सड़क को इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) के तौर पर डेवलप किया गया है, जिसका औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दौरे के दौरान करेंगे। प्रधानमंत्री माेदी 14 फरवरी को चबुआ एयर फोर्स स्टेशन से एक स्पेशल एयरक्राफ्ट के जरिए मोरन पहुंचेंगे और फैसिलिटी का उद्घाटन करने के लिए सीधे हाईवे पर उतरेंगे।
दौरे से पहले, डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन, इंडियन एयर फाेर्स और ईएलएफ बनाने से जुड़ी एजेंसियों ने तैयारी तेज कर दी है। ट्रायल और सुरक्षा इंतजामों को आसान बनाने के लिए 6 फरवरी से चार लेन वाले इस हिस्से पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है। आईएएफ ने साइट पर अपने लोगों को तैनात किया है और सभी टेस्ट ऑपरेशन पर करीब से नजर रख रही है।
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एनएच-127 के डेमो-मोरान हिस्से पर जटियानी में 4.2 किलोमीटर के हिस्से में बनाई गई है। यह पूर्वोत्तर में पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी है।
भविष्य में, इमरजेंसी या स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन के दौरान, यह हिस्सा राफेल, सुखोई और मिग जेट जैसे एडवांस्ड फाइटर एयरक्राफ़्ट की लैंडिंग को हैंडल कर सकेगा, जिससे इस इलाके में भारत की रक्षा तैयारियों में काफी बढ़ोतरी होगी।