Please wait
हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic सिक्किम टनल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10, ज़हरीली गैस-खराब मौसम के बीच बचाव कार्य जारी Sudhir wins historic यूक्रेन से रवाना वाणिज्यिक पोत पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत को किया तलब Sudhir wins historic

रथयात्रा से पहले पुरी श्रीमंदिर में अंतिम धार्मिक अनुष्ठान संपन्न, सिंहद्वार तक पहुंचे तीनों रथ

विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा से एक दिन पूर्व बुधवार को पुरी श्रीमंदिर में अंतिम चरण के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंगलवार को नवयौवन दर्शन के बाद 'उभा यात्रा' की महत्वपूर्ण नीति के तहत तीनों रथों को रथखला से श्रीमंदिर के सिंहद्वार तक लाया गया।

15 Jul 2026

रथयात्रा से पहले पुरी श्रीमंदिर में अंतिम धार्मिक अनुष्ठान संपन्न, सिंहद्वार तक पहुंचे तीनों रथ

भुवनेश्वर। विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा से एक दिन पूर्व बुधवार को पुरी श्रीमंदिर में अंतिम चरण के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंगलवार को नवयौवन दर्शन के बाद 'उभा यात्रा' की महत्वपूर्ण नीति के तहत तीनों रथों को रथखला से श्रीमंदिर के सिंहद्वार तक लाया गया।

मंदिर परंपरा के अनुसार, प्रातःकाल महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु बलभद्र, देवी सुभद्रा और श्रीसुदर्शन की नियमित नीतियां संपन्न होंगी। इसके बाद गोपाल बल्लभ एवं सकाल धूप की नीतियों का संपादन किया गया ।

इसके उपरांत सेवायत पारंपरिक शोभायात्रा के माध्यम से महाप्रभु की ओर से 'आज्ञामाला' (दैवीय अनुमति की माला) तीनों रथों तक लेकर आये। इस अनुष्ठान को आज्ञामाला बीजे कहा जाता है और इसे रथयात्रा के शुभारंभ की औपचारिक अनुमति माना जाता है।

आज्ञामाला बीजे के बाद तीनों रथों को रथ खला (जहां रथ तैयार हो रहा था) से खींचकर श्रीजगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के समक्ष लाया गया ।

मंदिर की परंपरा के अनुसार, सबसे पहले भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को, उसके बाद देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को तथा अंत में भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को सिंहद्वार तक लाया गया ।

रात्रि में भी कुछ महत्वपूर्ण धार्मिक नीतियां संपन्न की जाएंगी। इन पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ ही गुरुवार को आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के लिए सभी धार्मिक तैयारियां पूर्ण हो जाएंगी।

गुरुवार को महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य पाहंडी बीजे के माध्यम से श्रीमंदिर से बाहर आकर अपने-अपने रथों पर विराजमान होंगे और लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गुंडिचा मंदिर की वार्षिक यात्रा पर प्रस्थान करेंगे।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


रथयात्रा से पहले पुरी श्रीमंदिर में अंतिम धार्मिक अनुष्ठान स
विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा से एक दिन पूर्व बुधवार को पुरी श्रीमंदिर में अंतिम चरण के पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मंगलवार को नवयौवन दर्शन के बा





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News