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तपसिया में गैरकानूनी कारखानों पर एक्शन के लिए बनी जांच कमिटी
कोलकाता। महानगर का तपसिया इलाका मंगलवार दोपहर उस वक्त दहल उठा, जब जीजे खान रोड स्थित एक बहुमंजिला इमारत से आग की ऊंची लपटें और काला धुआं निकलने लगा। दोपहर करीब पौने दो बजे लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयावह हादसे में अब तक दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
मौत का फंदा बना बाथरूम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इमारत की दूसरी मंजिल से शुरू हुई और चंद मिनटों में ही पूरे भवन को धुएं के आगोश में ले लिया। आग की लपटों से घिरे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने सुरक्षित समझकर बाथरूम में शरण ली, लेकिन वही जगह उनके लिए गैस चैंबर साबित हुई। दम घुटने के कारण वे वहीं अचेत हो गए। दमकलकर्मियों ने जब कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, तो वहां पांच लोग गंभीर हालत में मिले, जिनमें से दो ने अस्पताल पहुँचते ही दम तोड़ दिया।
प्रशासनिक अमला मौके पर, जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडेय ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। उनके साथ बिल्डिंग और विद्युत विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद थे, जिन्होंने प्रारंभिक साक्ष्यों को इक_ा किया। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को तत्काल स्नढ्ढक्र दर्ज करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
अवैध निर्माण और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस अग्निकांड ने एक बार फिर शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में नियमों को ताक पर रखकर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई हैं, जिनमें न तो पर्याप्त वेंटिलेशन है और न ही अग्निशमन के उपकरण। प्रशासन ने इस मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। साथ ही, संकेत दिए गए हैं कि शहर में अवैध रूप से बनी ऐसी बिल्डिंगों के खिलाफ जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
दमकल विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि, फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग की संयुक्त टीम आग के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है। वर्तमान में तीन घायलों का इलाज नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पूरे तपसिया इलाके में इस वक्त मातम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।