दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे बगल के अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोक लिया
कोलकाता। महेशतला नगरपालिका के एक उच्च स्तरीय आवासीय परिसर में रविवार शाम उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक पांच मंजिला इमारत के फ्लैट में भीषण आग लग गई। रसोईघर से शुरू हुई चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि फ्लैट में मौजूद वृद्ध दंपती समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के समय फ्लैट में केवल वृद्ध पति-पत्नी ही मौजूद थे। रसोई में खाना बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी किसी काम से महिला दूसरे कमरे में चली गईं। इसी दौरान चूल्हे पर रखी कड़ाही का तेल अत्यधिक गर्म होकर आग के गोले में तब्दील हो गया। जब तक दंपती कुछ समझ पाते, लपटों ने रसोई की छत और कैबिनेट को पकड़ लिया। धुएं का गुबार उठता देख दंपती शोर मचाते हुए सीढिय़ों के रास्ते नीचे की ओर भागे। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में फ्लैट में रखा कीमती फर्नीचर, टीवी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर कोयला हो गए। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए पाइप और बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटों पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। पूरी इमारत में धुंआ भर जाने से अन्य निवासियों में भी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक गाड़ी युद्धस्तर पर मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे बगल के अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोक लिया।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण रसोई में गर्म तेल का ओवरहीटिंग होना लग रहा है। हालांकि, शॉर्ट सर्किट की संभावना को भी नकारा नहीं जा रहा है। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। पुलिस और दमकल विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आवासीय परिसर में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्रियाशील थे या नहीं। रविवार शाम हुई इस घटना ने बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।