Please wait
एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic

शुभेंदु के आरोपों पर फिरहाद बोले- 'मेरे पास तो कोई अधिकार ही नहीं था'

मेयर यह तय नहीं करता कि किस निर्माण को नोटिस थमाना है या किसे ढहाना है

25 Jun 2026

शुभेंदु के आरोपों पर फिरहाद बोले- 'मेरे पास तो कोई अधिकार ही नहीं था'

कोलकाता। तारातल्ला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दुखद घटना पर अब सियासत चरम पर पहुंच गई है। विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकिम का नाम सीधे तौर पर घसीटे जाने के बाद, अब पूर्व मेयर ने भी मोर्चा खोल दिया है। फिरहाद हकिम ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए साफ कहा कि किसी भी भवन निर्माण योजना (बिल्डिंग प्लान) को मंजूरी देने का अधिकार न तो उनके पास कभी था और न ही नगर निगम के किसी मेयर के पास ऐसा कोई अधिकार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण से जुड़े सभी तकनीकी और प्रशासनिक फैसले पूरी तरह से कोलकाता नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के अधीन होते हैं, इसमें मेयर की भूमिका केवल एक औपचारिक हस्ताक्षरकर्ता से ज्यादा कुछ नहीं होती। 
दरअसल, विधानसभा के पटल पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तारातल्ला के ध्वस्त गोदाम से जुड़े दस्तावेज लहराते हुए दावा किया था कि इस बिल्डिंग प्लान पर तत्कालीन मेयर फिरहाद हकिम के हस्ताक्षर मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी थी कि दोषियों को न सिर्फ जेल भेजा जाएगा, बल्कि उनकी संपत्तियां भी कुर्क की जाएंगी। 
शुभेंदु अधिकारी के इसी हमले पर जवाब देते हुए फिरहाद हकिम ने कहा कि मैं कोई इंजीनियरिंग का छात्र नहीं हूं और न ही किसी भवन योजना की तकनीकी बारीकियों या उसकी वैधता को परखना मेरा काम है। म्युनिसिपल बिल्डिंग कमेटी (एमबीसी) में बड़े-बड़े तकनीकी विशेषज्ञ और क्वालिफाइड इंजीनियर होते हैं, जो हर पहलू की जांच करते हैं। उनके हरी झंडी देने के बाद ही फाइलें आगे बढ़ती हैं। अगर किसी कागज पर मेरे दस्तखत हैं भी, तो वह महज एक प्रशासनिक औपचारिकता का हिस्सा है। मेयर यह तय नहीं करता कि किस निर्माण को नोटिस थमाना है या किसे ढहाना है।
राजनीतिक तल्खी के बीच एक हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब फिरहाद हकिम ने हादसे के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सेना, एनडीआरएफ और पुलिस ने जिस युद्धस्तर पर मलबे से जिंदगियां निकालीं, वह वाकई काबिले-तारीफ है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया है। हकिम ने यह दावा भी किया कि उनकी जानकारी के अनुसार गोदाम का निर्माण पूरी तरह से अवैध नहीं था, बल्कि इसके पास जरूरी मंजूरियां थीं। हालांकि, उन्होंने माना कि निर्माण के दौरान जमीनी स्तर पर निगरानी और निरीक्षण में भारी चूक जरूर हुई है, लेकिन इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर मेयर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


फिरहाद बोले- 'मेरे पास तो कोई अधिकार ही नहीं था'
मेयर यह तय नहीं करता कि किस निर्माण को नोटिस थमाना है या किसे ढहाना है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News