वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
पुलिस को प्राप्त वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के दावों में विसंगति ने संदेह को और गहरा कर दिया है
कोलकाता। टॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की रहस्यमय मौत ने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद, शनिवार को इस मामले में पहली प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई, जिससे पूरी बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है। आर्टिस्ट फोरम के सदस्य शनिवार दोपहर दिवंगत अभिनेता की पत्नी प्रियंका सरकार के साथ रीजेंट पार्क थाने पहुंचे और प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इस कानूनी कदम से पहले शुक्रवार रात टॉलीगंज स्थित टेक्निशियन स्टूडियो में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई थी। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रसेनजीत चट्टोपाध्याय, शाश्वत चट्टोपाध्याय, आबीर चट्टोपाध्याय, चिरंजीत चक्रवर्ती और ऋतुपर्णा सेनगुप्ता जैसे उद्योग के दिग्गज शामिल हुए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राहुल की मौत की गुत्थी सुलझाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई अनिवार्य है। एफआईआर में लीना गंगोपाध्याय और शैबल बंद्योपाध्याय के प्रोडक्शन हाउस पर लापरवाही और साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आर्टिस्ट फोरम का स्पष्ट कहना है कि राहुल की मौत के पीछे कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है।
संगठन ने मांग की है कि शूटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए। एफआईआर दर्ज होने के बाद कलाकारों और तकनीशियनों के एक बड़े समूह ने जस्टिस फॉर राहुल के बैनर तले टेक्निशियन स्टूडियो तक विरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। हालांकि, इंडस्ट्री के एक वर्ग ने इस आंदोलन को राजनीति से दूर रखने की पुरजोर अपील की है ताकि जांच की निष्पक्षता प्रभावित न हो।
गौरतलब है कि पिछले रविवार को ओडिशा के तलसारी समुद्र तट पर एक मेगा सीरियल की शूटिंग के दौरान राहुल बनर्जी समुद्र की लहरों में समा गए थे। इस हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और यूनिट के सदस्यों के बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया है। कुछ सूत्रों का दावा है कि वह काफी समय तक पानी में लापता रहे, जबकि अन्य का कहना है कि वह एक सह-अभिनेत्री की जान बचाने के प्रयास में हादसे का शिकार हुए। पुलिस को प्राप्त वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के दावों में विसंगति ने संदेह को और गहरा कर दिया है। अब पूरी इंडस्ट्री की नजरें पुलिसिया जांच पर टिकी हैं कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।