टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम और कई रूटों पर नो एंट्री लागू
कोलकाता। बंगाल सरकार द्वारा इस वर्ष श्रावणी मेले को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिए जाने के बाद, तारकेश्वर धाम में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के ऐतिहासिक इंतज़ाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के विशेष निर्देशों पर अमल करते हुए हुगली जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए एक व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। इसके तहत मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की नो एंट्री लागू कर दी गई है, जबकि एंबुलेंस, दूध और खाद्य सामग्री जैसी आपातकालीन एवं आवश्यक सेवाओं के लिए निर्बाध वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं।
इस बार के मुख्य आकर्षण के रूप में, श्रावणी मेले के प्रत्येक सोमवार को तारकेश्वर पहुंचने वाले शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। इस भव्य व्यवस्था का जायज़ा लेने के लिए रविवार को स्थानीय विधायक संतु पान ने स्वयं हेलीकॉप्टर से पूरे मेला क्षेत्र का हवाई निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों को परखा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए गंगा के 14 प्रमुख घाटों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके साथ ही, शेओराफुली से तारकेश्वर तक फैले लगभग 37 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर हर पांच किलोमीटर के दायरे में एक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे डॉक्टरों की टीम, दवाइयां और एंबुलेंस मुस्तैद रहेंगी। किसी भी जल-आपात स्थिति से निपटने के लिए गंगा नदी में वॉटर एंबुलेंस की भी तैनाती की गई है।
प्रशासनिक तैयारियों के तहत पूरे कांवड़ रूट पर पुलिस चौकियों के साथ-साथ केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। ऊंची जगहों पर वॉच टावर बनाकर उपद्रवियों और भीड़ पर नजऱ रखी जा रही है, जबकि श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए गाइड मैप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है। छोटे रास्तों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए सब्जी विक्रेताओं को केवल सुबह 9 बजे तक ही दुकान लगाने की छूट दी गई है। इस वर्ष रिकॉर्ड भीड़ उमडऩे के अनुमान को देखते हुए पूरे जुलाई और अगस्त महीने के मेले को छह अलग-अलग चरणों में विभाजित किया गया है, जिसके तहत 14 जुलाई से लेकर 23 अगस्त के विभिन्न कालखंडों में यातायात नियंत्रित रहेगा। इस दौरान श्वेतपुर मोड़, दिल्ली रोड, दीर्घांगी मोड़, वैद्यबाटी-तारकेश्वर रोड, चंदननगर अस्पताल मोड़, डलहौजी जूट मिल, मंजुश्री, ऋषड़ा मैत्रीपथ और बाघखाल जैसे व्यस्त इलाकों में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले समय में ऑटो, टोटो, ई-रिक्शा और इंजन वैन की आवाजाही को भी पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा।
आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए पुलिस ने चंदननगर, भद्रेश्वर, श्रीरामपुर, ऋषड़ा और उत्तरपाड़ा क्षेत्रों में कई वैकल्पिक मार्ग डायवर्ट किए हैं। कांवडिय़ों के भारी दबाव को देखते हुए पूर्व रेलवे ने भी श्रावणी मेले के अवसर पर विशेष अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है ताकि यातायात को सुचारू बनाए रखा जा सके।