Please wait
पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic

पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने बांग्ला में ली शपथ 

खाकी के बाद अब संसदीय पारी का आगाज

06 Apr 2026

पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने बांग्ला में ली शपथ 

कोलकाता। पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने अपने सार्वजनिक जीवन के एक नए और अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत की है। सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते हुए उन्होंने अपनी मातृभाषा बांग्ला को चुना, जिसने संसद के उच्च सदन में बंगाल की भाषाई अस्मिता को प्रखरता से रेखांकित किया। खाकी वर्दी में दशकों तक कानून-व्यवस्था संभालने के बाद, राजीव कुमार का सदन में बांग्ला में शपथ लेना न केवल उनके व्यक्तिगत झुकाव को दर्शाता है, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का भी हिस्सा है जो बंगाली पहचान और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता देती है। 
राज्यसभा में आयोजित इस गरिमामयी समारोह के दौरान जैसे ही राजीव कुमार ने बांग्ला भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली, सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी इस सांस्कृतिक जुड़ाव का स्वागत किया। भारतीय पुलिस सेवा के 1989 बैच के अधिकारी रहे राजीव कुमार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है। 
पुलिस प्रशासन में अपनी गहरी पैठ और रणनीतिक कौशल के लिए मशहूर कुमार अब सदन के भीतर विधायी प्रक्रियाओं और बंगाल से जुड़े नीतिगत मुद्दों पर अपनी राय रखेंगे। उनके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी बांग्ला में शपथ लेकर इस भाषाई संदेश को और अधिक मजबूती दी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजीव कुमार जैसे अनुभवी प्रशासनिक चेहरे को राज्यसभा भेजना तृणमूल कांग्रेस का एक मास्टरस्ट्रोक है। 
इसके जरिए पार्टी न केवल प्रशासनिक अनुभवों का लाभ संसदीय चर्चाओं में लेना चाहती है, बल्कि बांग्ला में शपथ दिलाकर राज्य के मतदाताओं को यह संदेश भी देना चाहती है कि उनके प्रतिनिधि दिल्ली की पंचायत में भी अपनी माटी और भाषा से जुड़े रहेंगे। राजीव कुमार की यह नई भूमिका इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे उन चुनिंदा नौकरशाहों में शामिल हैं जिन्होंने सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद राजनीतिक और संसदीय क्षेत्र में इतनी सक्रियता दिखाई है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि वे राज्यसभा के पटल पर बंगाल के हितों की पैरवी किस प्रकार करते हैं। 

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने बांग्ला में ली शपथ 
खाकी के बाद अब संसदीय पारी का आगाज





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News