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बीएलए को कड़े निर्देश, बीजेपी को जीरो करने का आह्वान
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की बैठक में वोटर लिस्ट, बाहरी दखल और संगठनात्मक मजबूती को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आकर जो लोग बंगाल में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराना चाहते हैं, उन पर नजर रखी जाए, क्योंकि हमारे लोगों के भी बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं। मुख्यमंत्री ने आम लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आप कहीं के भी वोटर हों, आपकी संपत्ति कोई नहीं ले सकता। डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि गुजरात और राजस्थान से आए लोग बंगाल में लोगों की हियरिंग कैसे करेंगे क्या वे यहां की भाषा और जातीय संरचना जानते हैं?
ममता बनर्जी ने बीएलए को निर्देश दिया कि जिनके नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं, वे वास्तविक वोटर हैं या नहीं, इसकी जांच की जाए।यदि वोटर मिल जाए, तो फॉर्म-6 भरने में तत्काल मदद की जाए।जिनके पास चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए 11 प्रमाणपत्रों में से कोई भी नहीं है, वे परमानेंट रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट या जाति प्रमाणपत्र के लिए तुरंत आवेदन करें। उन्होंने कहा कि बीएलए का दायित्व योग्य वोटर्स का नाम दर्ज करवाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई श्रमिक बाहर काम कर रहे हैं, तो वे वापस लौटें। उन्हें काम देने का दायित्व मेरा है।
बाहरी माफिया की घुसपैठ का आरोपममता बनर्जी ने दावा किया, मुझे सुनने में आया है कि बिहार से 50 बाइक और बुलेट पर माफिया बर्धमान में घुसे हैं।उन्होंने इसे लोकतंत्र को डराने की कोशिश बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल के मनीषियों का अपमान किया जा रहा है और बीजेपी को बंगाल में पांव जमाने नहीं देना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि नेता नहीं, तृणमूल के कर्मी बीजेपी को रोकेंगे। अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने अपने पूरे जीवन में बहुत मार खाई है, मैं किसी से नहीं डरती। ममता के इस बयान से साफ है कि तृणमूल कांग्रेस 2026 के चुनाव से पहले ग्राउंड लेवल पर पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।