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भ्रष्टाचार पर सरकार का सबसे बड़ा प्रहार, 29 जून को विधानसभा का विशेष सत्र

अवैध संपत्ति जब्ती के लिए आ रहा बेहद सख्त कानून

24 Jun 2026

भ्रष्टाचार पर सरकार का सबसे बड़ा प्रहार, 29 जून को विधानसभा का विशेष सत्र

कोलकाता। बंगाल में भ्रष्टाचार और अवैध रूप से अकूत संपत्ति जमा करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाने जा रही है। राज्य से भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को समूल नष्ट करने के संकल्प के साथ सरकार एक अत्यंत कठोर और पूरी तरह से नया कानून लाने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित ऐतिहासिक विधेयक का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों, रसूखदार नेताओं और अन्य अपराधियों द्वारा अवैध तरीकों से अर्जित की गई बेनामी संपत्तियों को सीधे जब्त (कुर्क) करना है। इस महा-विधेयक को कानूनी जामा पहनाने और सदन से पारित कराने के लिए आगामी 29 जून को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष आपातकालीन सत्र बुलाए जाने की पूरी तैयारी चल रही है। 
दरअसल, मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में यह साफ संकेत दे दिया था कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा अचूक और सख्त कानून लाने जा रही है, जिससे दोषियों में खौफ पैदा होगा। हालांकि, सचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, इस बेहद संवेदनशील विधेयक का कानूनी प्रारूप तैयार करने में उम्मीद से थोड़ा अधिक समय लग रहा है। सरकार चाहती है कि इस कानून में कोई भी ऐसी तकनीकी खामी या कानूनी कमजोरी न छूटे, जिसका फायदा उठाकर भ्रष्टाचारी बच निकलें। यही वजह है कि शीर्ष विधि विशेषज्ञों और वरिष्ठ कानूनी सलाहकारों की एक हाई-प्रोफाइल टीम रात-दिन इस मसौदे की बारीकी से समीक्षा करने में जुटी है। इसी कारण इसे चालू सत्र के अंतिम दिन पेश न करके विशेष सत्र में लाने का फैसला किया गया है। 
विधानसभा के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वर्तमान बजट सत्र का पहला चरण 25 जून तक चलना तय है। इसके बाद सदन की कार्यवाही में कुछ दिनों का अंतराल रहेगा। पहले मुख्य सत्र की शुरुआत 6 जुलाई से होने वाली थी, लेकिन देश के महान सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राज्य में अवकाश घोषित होने के कारण अब दूसरा चरण 7 जुलाई से प्रारंभ होगा। परंतु, भ्रष्टाचार विरोधी इस मुहिम में किसी भी तरह का विलंब न करते हुए सरकार ने बीच में ही 29 जून को विशेष अधिवेशन बुलाने का मन बनाया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस नए कानून की सबसे बड़ी ताकत इसकी जब्ती संबंधी धाराएं होंगी। इसके तहत यदि किसी भी जनप्रतिनिधि, लोक सेवक या अधिकारी के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर काली कमाई करने के आरोप प्रारंभिक जांच में ही प्रमाणित हो जाते हैं, तो सरकार को उसकी चल-अचल अवैध संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से कुर्क करने का पूर्ण वैधानिक अधिकार मिल जाएगा। राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस प्रस्तावित बिल को लेकर खलबली मची हुई है। 
माना जा रहा है कि यदि यह विधेयक 29 जून को पास हो जाता है, तो राज्य में बेनामी संपत्ति और सिंडिकेट राज चलाने वालों पर कानून का ऐसा शिकंजा कसेगा, जो आने वाले समय के लिए एक नजीर बन जाएगा।

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