गवर्नर ने कहा कि भविष्य में केंद्र सरकार की तरफ़ से जारी गाइडलाइन के हिसाब से इसका पालन किया जाएगा
कोलकाता। राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस हुगली के त्रिबेणी में लगे कुंभ मेले में शामिल हुए। इस पवित्र तीर्थस्थल पर आकर उन्होंने कुंभ मेले के आध्यात्मिक माहौल में हिस्सा लिया और मंच पर बोलते हुए उन्होंने कई आध्यात्मिक किताबों और फिलॉसफी का जि़क्र किया। उनके भाषण में श्रीमद् भगवद गीता के विचार सामने आए। उन्होंने इंसानी जीवन में धार्मिक चेतना, नैतिकता और आध्यात्मिक विकास के महत्व पर ज़ोर दिया। गवर्नर ने त्रिबेणी के महान तीर्थस्थल का दौरा किया और कुंभ मेले में आए संतों और साधुओं से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। इस बड़े महोत्सव के लिए आयोजकों की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहाँ संस्कृतियों की विविधता में एकता का बंधन मज़बूत है। कुंभ मेला भारत में धार्मिक विविधता और आध्यात्मिक परंपरा का एक अनोखा उदाहरण है, जो सभी धर्मों का मिलन स्थल है। महाराष्ट्र में बंगाली स्पेलिंग से जुड़ी एक घटना में हुई मौत के बारे में पूछे जाने पर गवर्नर ने कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच चल रही है। उन्होंने अपनी राय ज़ाहिर करते हुए कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इस मामले पर खास कमेंट करना ठीक नहीं है। बांग्लादेश के बारे में उन्होंने कहा कि उस देश की सरकार या राजनीतिक हालात पर कमेंट करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस मामले पर सिफऱ् भारत सरकार ही ऑफिशियली अपनी राय दे सकती है। बंगाल में होने वाले चुनावों के बारे में एक सवाल के जवाब में गवर्नर ने साफ़ किया कि चुनाव से जुड़े सभी फ़ैसले इलेक्शन कमीशन के कंट्रोल में हैं।
कमीशन जो फ़ैसला लेगा, वही लागू होगा। स्ढ्ढक्र के बारे में उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में यह प्रोसेस पूरी तरह से इलेक्शन कमीशन की देखरेख में होता है। राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' गाने के बारे में गवर्नर ने कहा कि भविष्य में केंद्र सरकार की तरफ़ से जारी गाइडलाइन के हिसाब से इसका पालन किया जाएगा।