तेज बारिश संग कई जगहों पर गिरे पेड़
कोलकाता। महानगर कोलकाता और उसके आसपास के जिलों में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने ऐसा करवट बदला कि दिन के उजाले में ही घने बादलों के कारण आधी रात जैसा अंधेरा छा गया। आषाढ़ के महीने में कालबैसाखी ने अपना ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली विनाशकारी आंधी, कड़कड़ाती बिजली और मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को घुटनों पर ला दिया। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और महानगर के कई हिस्सों में भारी तबाही और जलभराव का मंजर देखने को मिला।
आसमान से बरसी इस आफत ने चंद मिनटों के भीतर ही शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। धर्मतला, पार्क स्ट्रीट, कलकत्ता हाई कोर्ट परिसर, कॉलेज स्ट्रीट, एस्प्लेनेड, डफरिन रोड और मेयो रोड जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया। इस भीषण बवंडर के कारण दर्जनों विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों और खड़ी गाडिय़ों पर आ गिरे। हाई कोर्ट परिसर में कई वीआईपी गाडिय़ां पेड़ों के मलबे में दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि डफरिन रोड पर स्थापित एक अस्थायी प्रतिमा ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कोलकाता प्रेस क्लब के सामने स्थित कैंटीन पर भी पेड़ गिरने की खबर है। कई प्रमुख मार्गों पर बिजली के खंभे और तार टूटने से बड़े इलाके की बत्ती गुल हो गई, जिसके बाद कोलकाता नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें युद्धस्तर पर मलबा हटाने के काम में जुट गईं।
इस आसमानी आफत का सबसे बुरा असर स्कूल-कॉलेजों से घर लौट रहे छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और दफ्तर से निकलने वाले कामकाजी लोगों पर पड़ा। सार्वजनिक परिवहन के साधन ठप होने और सड़कों पर मीलों लंबा जाम लगने के कारण लोग घंटों रास्तों में फंसे रहने को मजबूर हुए। कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, पुरुलिया, उत्तर व दक्षिण 24 परगना में भी आंधी-तूफान ने जमकर उत्पात मचाया है।
अलीपुर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी के कारण बुधवार को भी दक्षिण बंगाल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा गया है। वहीं, उत्तर बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और डुआर्स इलाके में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। प्रशासन ने बेहद खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।