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नगर निगम देगा पुनर्वास का विकल्प, पैदल यात्रियों के लिए रास्ता छोडऩा होगा अनिवार्य
कोलकाता। कोलकाता के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र न्यू मार्केट इलाके में हॉकरों और पैदल यात्रियों के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध को सुलझाने की दिशा में कोलकाता नगर निगम ने एक मानवीय और रणनीतिक कदम उठाया है। नगर निगम और हॉकर संगठनों के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि किसी भी हॉकर को सीधे तौर पर बेदखल नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें पास के उपयुक्त स्थानों पर पुनर्वास का विकल्प दिया जाएगा।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए फुटपाथों पर पैदल चलने वालों के लिए निर्धारित रास्ता हर हाल में खाली रखना होगा। गुरुवार को हॉकर जॉइंट एक्शन कमेटी और नगर निगम के बीच हुई इस बैठक की अध्यक्षता मेयर परिषद सदस्य (हॉकर मामलों के प्रभारी) देबाशीष कुमार ने की। बैठक में मुख्य रूप से उन हॉकरों के भविष्य पर चर्चा हुई जो हालिया सर्वे में अवैध श्रेणी में पाए गए हैं। नगर निगम ने साफ किया है कि जिन वैध हॉकरों की सूची तैयार हो चुकी है, उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन जो हॉकर बिना किसी वैध दस्तावेज के वर्षों से वहां व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें भी अचानक बेरोजगार नहीं किया जाएगा। निगम का मानना है कि न्यू मार्केट क्षेत्र में कई गरीब परिवार फुटपाथ पर व्यवसाय के जरिए ही अपनी जीविका चलाते हैं, ऐसे में उनका सम्मानजनक पुनर्वास सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से आवश्यक है।
बैठक के बाद देबाशीष कुमार ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम की नीति किसी का रोजगार छीनने की नहीं बल्कि व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की है। उन्होंने कहा कि टाउन वेंडिंग कमेटी अब यह तय करेगी कि किन स्थानों पर हॉकरों के बैठने की गुंजाइश है और कहाँ नहीं। जिन तंग गलियों या फुटपाथों पर जगह की कमी है, वहां के अवैध हॉकरों को पास के ही किसी वैकल्पिक स्थान पर जगह दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करना और हॉकरों को एक स्थायी व कानूनी पहचान दिलाना है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर वर्ष 2024 में शहरभर में हॉकरों का एक व्यापक डिजिटल सर्वे किया गया था, जिसमें कुल 54,178 हॉकरों का पंजीकरण हुआ। न्यू मार्केट इलाके में स्थिति अधिक जटिल है क्योंकि यहाँ ग्राहकों की भारी भीड़ के साथ-साथ हॉकरों की संख्या भी क्षमता से अधिक है। हॉकर जॉइंट एक्शन कमेटी के नेता असित साहा ने निगम के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पुनर्वास की जगह ऐसी हो जहाँ ग्राहकों का आना-जाना सुलभ हो, ताकि हॉकरों की कमाई पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आने वाले दिनों में नगर निगम और टाउन वेंडिंग कमेटी न्यू मार्केट के उन हॉटस्पॉट्स की पहचान करेगी जहाँ से हॉकरों को शिफ्ट किया जाना है। इस नई व्यवस्था से जहाँ एक ओर न्यू मार्केट इलाके में पैदल चलने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर हजारों हॉकर परिवारों को उजाड़े जाने के डर से मुक्ति मिलेगी।
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