Please wait
अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट Sudhir wins historic रामनवमी हिंसा मामले में अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली गिरफ्तार Sudhir wins historic केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा Sudhir wins historic मुख्यमंत्री की चेतावनी के 12 घंटे के भीतर कार्रवाई, हुमायूं कबीर की सभा के तीन आयोजक गिरफ्तार Sudhir wins historic प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक, पारिवारिक कानूनों में बड़े बदलाव की संभावना Sudhir wins historic कल्याण बनर्जी ने किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का समर्थन Sudhir wins historic तारातला हादसे में पूर्व मेयर फिरहाद एवं दो पार्षदों के नाम शिकायत दर्ज; मरने वालों की संख्या हुई 17 Sudhir wins historic तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया Sudhir wins historic भवानीपुर चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली ममता की याचिका पर सुनवाई, हाई कोर्ट ने मतदान सामग्री सुरक्षित रखने का दिया निर्देश Sudhir wins historic

हाई कोर्ट ने रद्द की कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी बनाने की अधिसूचना

आयोग ने दलील दी कि मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे समय अदालत के हस्तक्षेप से समस्या उत्पन्न हो सकती है

17 Apr 2026

हाई कोर्ट ने रद्द की कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी बनाने की अधिसूचना

कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सहायक प्राध्यापकों तथा शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने संबंधी निर्वाचन आयोग की अधिसूचना रद्द कर दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने आयोग की ओर से संतोषजनक कारण नहीं बताए जाने पर यह फैसला सुनाया।
न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों के वेतनमान और पद की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें चुनावी दायित्व सौंपा जा सकता है। अदालत ने कहा कि आखिर किस कारण से सहायक प्राध्यापकों को मतदान केंद्रों पर भेजा जा रहा है, इस संबंध में आयोग से बार-बार स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन आयोग उचित जवाब देने में असफल रहा। अदालत ने इसी आधार पर आयोग की अधिसूचना निरस्त कर दी।
यह याचिका कॉलेज शिक्षिका रूपा बंद्योपाध्याय की ओर से दायर की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से कहा गया था कि वर्ष 2010 की निर्देशिका के स्थान पर वर्ष 2023 में नई निर्देशिका जारी की गई है। निर्वाचन कानून की धारा 26 के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षकों को चुनाव कार्य में नियुक्त कर सकते हैं।
इस दलील पर न्यायमूर्ति राव ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि ऐसा है तो इसी धारा के तहत न्यायाधीशों और न्यायमूर्तियों को भी चुनाव ड्यूटी पर लगा दीजिए। यह मजाक का विषय नहीं है। हर बार आयोग अपनी निर्देशिका बदल रहा है, लेकिन कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं कर रहा।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी के कार्य से मुक्त रखा जाए और केंद्र या राज्य सरकार के आरक्षित कर्मचारियों को इस जिम्मेदारी में लगाया जाए। वहीं आयोग ने दलील दी कि मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे समय अदालत के हस्तक्षेप से समस्या उत्पन्न हो सकती है। हालांकि उच्च न्यायालय ने यह तर्क स्वीकार नहीं किया।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


रद्द की कॉलेज शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी बनाने की अधिसूचना
आयोग ने दलील दी कि मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे समय अदालत के हस्तक्षेप से समस्या उत्पन्न हो सकती है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News