Please wait
फीफा विश्व कप 2026: ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास Sudhir wins historic बारुईपुर नाबालिग हत्याकांड : 6 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित, एक और आरोपित गिरफ्तार Sudhir wins historic शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ Sudhir wins historic डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नया मामला, ‘सेवाश्रय’ शिविर जांच के घेरे में Sudhir wins historic विपक्षी विधायकों को मिलेगा समान सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकार, विधानसभा में बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी Sudhir wins historic तृणमूल के तीन बैंक खातों पर रोक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बैंक से हलफनामा और पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब Sudhir wins historic

गिरफ्तार आरोपितों की कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर घुमाने के मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता और न्यायमूर्ति स्मिता दास दे शामिल हैं, ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस कानून के तहत गिरफ्तारी कर सकती है और आवश्यक कार्रवाई भी कर सकती है, लेकिन गिरफ्तारी के नाम पर किसी भी आरोपित की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।

05 Jun 2026

गिरफ्तार आरोपितों की कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर घुमाने के मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार आरोपितों को कथित रूप से कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर घुमाए जाने के मामलों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। न्यायालय ने पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में पुलिस इस तरह की कार्रवाई कर रही है और क्या इसके लिए कोई अनिवार्य प्रक्रिया या औचित्य मौजूद है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता और न्यायमूर्ति स्मिता दास दे शामिल हैं, ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस कानून के तहत गिरफ्तारी कर सकती है और आवश्यक कार्रवाई भी कर सकती है, लेकिन गिरफ्तारी के नाम पर किसी भी आरोपित की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।

मामले में आरोप लगाया गया है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद उनके साथ सार्वजनिक रूप से इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया को अनुचित और मानव गरिमा के खिलाफ बताया है।

राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन पर मुख्य रूप से वसूली जैसे गंभीर आरोप हैं और कई मामलों में अपराध स्थल पर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया के लिए आरोपितों को ले जाया जाता है। हालांकि, न्यायालय ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ऐसे मामलों में आरोपितों के भागने की वास्तविक आशंका होती है और क्या सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों के बावजूद इस तरह की सार्वजनिक प्रस्तुति जरूरी है।

न्यायालय ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह गिरफ्तार व्यक्तियों की सुरक्षा और सम्मान दोनों का विशेष ध्यान रखे। साथ ही राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि इस तरह की कार्यप्रणाली क्यों अपनाई जा रही है।

मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


गिरफ्तार आरोपितों की कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर घुमाने क
कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता और न्यायमूर्ति स्मिता दास दे शामिल हैं, ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर दायर जनहित याचिकाओं की सुनव





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News