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संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस चौकियां बनाई गई हैं
कोलकाता। चुनाव की गहमागहमी के बीच आगामी रामनवमी पर्व को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील माने जाने वाले हावड़ा इलाके में इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। हावड़ा पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पिछले वर्षों में रामनवमी के दौरान हुई अप्रिय घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार पुलिस किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। रविवार को पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने हावड़ा सिटी पुलिस के अंतर्गत आने वाले विभिन्न थानों का सघन दौरा किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। कमिश्नर ने दोटूक शब्दों में कहा कि चुनाव पूरी तरह हिंसा मुक्त, प्रभाव मुक्त और भयमुक्त वातावरण में संपन्न होना चाहिए।
अधिकारियों को बूथ जाम, फर्जी मतदान और किसी भी प्रकार की चुनावी गड़बड़ी रोकने के लिए 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है। रामनवमी जुलूस को लेकर इस बार कोलकाता हाई कोर्ट ने भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने काजीपाड़ा इलाके में जुलूस निकालने की अनुमति तो दी है, लेकिन इसके साथ कुछ अनिवार्य शर्तें भी जोड़ी हैं। निर्देशों के अनुसार, जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 500 तक सीमित रहेगी। सुरक्षा कारणों से जुलूस में किसी भी तरह के धातु के असली हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, हालांकि प्रतीकात्मक हथियारों के उपयोग की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने जुलूस के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। आगामी 26 मार्च को यह जुलूस दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही निकाला जा सकेगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिन रूटों से जुलूस गुजरेगा, वहां सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि चुनाव की संवेदनशीलता और त्योहार की गरिमा दोनों बनी रहे और आम नागरिक बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग और पर्व का आनंद ले सकें।