एआईएमआईएम और वाम मोर्चे के साथ गठजोड़ के संकेत
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक और नवगठित राजनीतिक दल जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी का कांग्रेस के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं होगा। इसके बजाय उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एआईएमआईएम) और सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ राजनीतिक समझौते की इच्छा जताई है।
अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक कबीर ने कांग्रेस से दूरी बनाए रखने के पीछे कारण भी बताए। उनके अनुसार, कांग्रेस अब पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है और उसका प्रभाव सीमित रूप से केवल मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे दो अल्पसंख्यक बहुल जिलों तक ही रह गया है।
कबीर ने कहा, “इन दोनों जिलों में कांग्रेस को कोई भी सीट छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि, यहां एआईएमआईएम के साथ समझौते की संभावना पर विचार किया जा सकता है। अन्य जिलों में सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ गठबंधन की गुंजाइश है। संभावित सीट बंटवारे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों से बातचीत जारी है।”
उन्होंने दावा किया कि इन अल्पसंख्यक बहुल जिलों में मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और उनकी पार्टी जनता उन्नयन पार्टी के बीच होगा, खासकर मालदा जिले में। कबीर के अनुसार, “मालदा में कुल 12 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 11 सीटों पर सीधा मुकाबला जनता उन्नयन पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच होगा। केवल इंग्लिश बाजार विधानसभा सीट पर हमारा मुकाबला भाजपा से होगा।”
हालांकि, कबीर ने ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। गौरतलब है कि एआईएसएफ वाम मोर्चे के साथ सीट बंटवारे को लेकर इच्छुक है। वहीं एआईएसएफ नेतृत्व पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जनता उन्नयन पार्टी से किसी भी तरह के समझौते पर तभी विचार किया जाएगा, जब हुमायूं कबीर अपने पूर्व के सांप्रदायिक बयानों को वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
तृणमूल कांग्रेस में लंबे समय से विवादित छवि रखने वाले हुमायूं कबीर को कुछ महीने पहले पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह कार्रवाई तब की गई, जब उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद के निर्माण की घोषणा की थी।