कानून का सम्मान करें, लुंगी बांधकर सड़कों पर न उतरें
कोलकाता। विधानसभा में आगामी सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने की प्रबल संभावनाओं के बीच पूर्व विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुस्लिम समुदाय से शांति, संयम और भाईचारा बनाए रखने की एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने समुदाय के लोगों से देश के कानून का पूरी तरह पालन करने तथा किसी भी प्रकार के उकसावे या भावना में बहकर हिंसक गतिविधियों में शामिल न होने का पुरजोर आग्रह किया है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने एक विशेष संदेश में हुमायूं कबीर ने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए लिखा कि वर्तमान में इस्लामोफोबिया के कारण दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमान पहले से ही निशाने पर हैं, इसलिए यहाँ किसी भी बाहरी उकसावे में आकर 'लुंगी या पायजामा समेटकर तुरंत सड़क पर उतरनेÓ जैसी जल्दबाजी या आक्रामक कदम से हर हाल में बचना चाहिए। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वे अपने परिवार और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखें और किसी भी प्रकार के विवाद या हिंसा से खुद को दूर रखें।
इसके साथ ही पूर्व आईपीएस अधिकारी ने धार्मिक नेताओं, मौलानाओं और मौलवियों से भी इस संवेदनशील माहौल में विशेष संयम बरतने का अनुरोध किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मंचों से किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक या भड़काऊ बयान नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के विश्वासों का सम्मान करना चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द की नींव कमजोर न हो। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र आमंत्रित किया है, जिसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने की पूरी तैयारी है। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में सत्ता में आने पर बंगाल में यूसीसी लागू करने का बड़ा वादा किया था। देश में उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में यह व्यवस्था पहले ही अमलीजामा पहन चुकी है, जबकि असम में भी हाल ही में इससे संबंधित विधेयक पारित किया गया है, जिसके बाद अब बंगाल में इस विधायी कदम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल चरम पर पहुंच गई है।