Please wait
विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic बंगाल में फिर गहराया बारिश का खतरा, सप्ताहांत में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी Sudhir wins historic भड़काऊ बयान मामले में दो थानों से तलब किए जाने पर बोले हुमायूं कबीर — 'गिरफ्तार करना है तो कर लें, परवाह नहीं' Sudhir wins historic अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट Sudhir wins historic रामनवमी हिंसा मामले में अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली गिरफ्तार Sudhir wins historic केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा Sudhir wins historic मुख्यमंत्री की चेतावनी के 12 घंटे के भीतर कार्रवाई, हुमायूं कबीर की सभा के तीन आयोजक गिरफ्तार Sudhir wins historic प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक, पारिवारिक कानूनों में बड़े बदलाव की संभावना Sudhir wins historic कल्याण बनर्जी ने किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का समर्थन Sudhir wins historic

पूर्वस्थली में हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका

ममता की मौजूदगी में 300 समर्थकों ने थमा तृणमूल का दामन

06 Apr 2026

पूर्वस्थली में हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका

कोलकाता। विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े सियासी मैदान में पाला बदलने का खेल तेज हो गया है। इसी क्रम में पूर्व तृणमूल नेता हुमायूं कबीर की आमजनता उन्नयन पार्टी को अपने ही गढ़ में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। 
सोमवार को पूर्वस्थली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जनसभा के दौरान एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ, जहाँ हुमायूं कबीर की पार्टी के करीब 300 सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सामूहिक रूप से तृणमूल की सदस्यता ग्रहण कर ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस दलबदल ने जिले में कबीर की चुनावी तैयारियों को बड़ा आघात पहुँचाया है। इस टूट का मुख्य केंद्र आमजनता उन्नयन पार्टी का जिला नेतृत्व रहा। पार्टी के पूर्व बर्धमान जिला अध्यक्ष पंकज गांगोपाध्याय ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मंच पर पहुँचकर तृणमूल का झंडा थाम लिया। तृणमूल नेतृत्व ने इस घटनाक्रम को अपनी सांगठिनक मजबूती के प्रमाण के तौर पर पेश किया है। 
गौरतलब है कि हुमायूं को कुछ समय पहले धार्मिक मुद्दों पर विवादित बयानबाजी और अनुशासनहीनता के चलते ममता बनर्जी ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाकर राज्य की 182 सीटों पर चुनाव लडऩे और तृणमूल को सत्ता से बेदखल करने की हुंकार भरी थी, लेकिन चुनाव से ऐन पहले उनके सेनापतियों का साथ छोडऩा उनकी रणनीति पर भारी पड़ता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हुमायूं कबीर ने ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन कर मुस्लिम बहुल सीटों पर जो समीकरण बिठाने की कोशिश की थी, इस दलबदल ने उस पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। 
जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का मुख्यमंत्री की सभा में जाकर दोबारा तृणमूल से जुडऩा यह संकेत देता है कि हुमायूं कबीर का धार्मिक कार्ड शायद उनके अपने ही समर्थकों को रास नहीं आ रहा है। 
पूर्व बर्धमान जैसे महत्वपूर्ण जिले में इस सेंधमारी ने हुमायूं कबीर के लिए आगामी चुनाव की राह और भी मुश्किल कर दी है, जबकि ममता बनर्जी ने एक बार फिर साबित किया है कि पार्टी से अलग होने वाले नेताओं के आधार को वे बखूबी ध्वस्त करना जानती हैं। 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


पूर्वस्थली में हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका
ममता की मौजूदगी में 300 समर्थकों ने थमा तृणमूल का दामन





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News