अपने इस तूफानी संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया
कोलकाता। बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक उलटफेर के बाद सूबे के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने सबसे बड़े और मजबूत राजनीतिक गढ़ नंदीग्राम की पावन धरती से विपक्ष को हिला देने वाला एक बड़ा संदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद पहली बार रविवार को नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के जोश को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में गरजते हुए कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हुए कथित अमानवीय अत्याचारों का एक-एक पाई का पूरा हिसाब चुकता किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने जोश में होश न खोने की हिदायत देते हुए समर्थकों से साफ कहा कि वे किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथ में न लें और हिंसा से खुद को दूर रखें।
मुख्यमंत्री ने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में भड़की भयानक चुनाव बाद हिंसा के काले दौर को याद करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कैसे तृणमूल के रसूखदार गुंडों ने भाजपा समर्थकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया, कई निर्दोषों की बर्बरता से हत्या की गई, माताओं-बहनों पर जुल्म ढाए गए और उनके आशियाने उजाड़ दिए गए। मंच से हुंकार भरते हुए शुभेंदु ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आप लोग चाहें तो आज ही हिंसा करने वाले तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों की एक-एक ईंट तक उखाड़ कर फेंक सकते हैं। लेकिन आप ऐसा कतई मत कीजिए, क्योंकि भाजपा प्रतिशोध और अराजकता की यह घटिया राजनीति नहीं करती। इसके तुरंत बाद उन्होंने बेहद आक्रामक स्वर में चेतावनी दी, मैं कुछ भी नहीं भूला हूँ, मुझे हर एक ज़ख्म याद है। मैं किसी भी गुनहगार को छोड़ूंगा नहीं, हर ज़ुल्म का हिसाब लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होगा।
अपने इस तूफानी संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दो-दो बार करारी शिकस्त झेल चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री ने उन पीडि़त भाजपा परिवारों को फूटी कौड़ी तक की आर्थिक मदद नहीं दी, जिन्होंने राजनीतिक हिंसा में अपने घर के चिराग खो दिए थे। गौरतलब है कि राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद बंगाल की राजनीतिक आबोहवा पूरी तरह बदल चुकी है। परास्त होकर विपक्ष की बेंच पर बैठी तृणमूल अब खुद को बचाने के लिए भाजपा पर कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त करने का आरोप मढ़ रही है। इसी भ्रम को तोड़ते हुए सीएम शुभेंदु और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार में कानून का इकबाल सबसे ऊपर होगा और हिंसा फैलाने वाले अपराधियों को जेल भेजा जाएगा, चाहे उनकी राजनीतिक पहचान कुछ भी क्यों न हो।