शुभेंदु ने कहा सबूत दीजिए भ्रष्टाचार हुआ है तो होगी कार्रवाई
कोलकाता। विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जवाबी भाषण के दौरान उस वक्त राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब विपक्ष के नेता ऋतोब्रत बंद्योपाध्याय के समर्थक विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध जताना शुरू कर दिया। इस शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री कुछ क्षणों के लिए रुके, तभी कालीघाट खेमे के प्रमुख नेता और विधायक कुणाल घोष अपनी सीट पर खड़े हो गए और उन्होंने ऋतोब्रत बंद्योपाध्याय तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठा दी।
कुणाल घोष ने सदन में कहा कि वे मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों का पुरजोर समर्थन करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तृणमूल से जानबूझकर विवाद पैदा कर रहे हैं ताकि खुद को राजनीतिक रूप से बचाया जा सके। कुणाल जैसे ही कुछ और गंभीर आरोप लगाने लगे, तभी उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। स्थिति सामान्य होने पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपना संबोधन दोबारा शुरू किया और तृणमूल की आंतरिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के कई सांसद-विधायक अब उसका साथ छोड़ चुके हैं और इस दुर्दशा के लिए उनके नेता खुद जिम्मेदार हैं।
कुणाल घोष की मांग का सीधा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि उनकी सरकार केवल राजनीतिक बयानों के आधार पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों के आधार पर काम करती है। उन्होंने एलान किया, यदि आपके पास किसी भी नेता के खिलाफ चोरी, भ्रष्टाचार, अवैध संपत्ति या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के ठोस दस्तावेज और प्रमाण हैं, तो हमें दीजिए। सरकार और जांच एजेंसियां कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करेंगी। इस तीखी नोकझोंक ने साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमे की अंदरूनी जंग अब विधानसभा के भीतर भी पूरी तरह हावी हो चुकी है।