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नौशाद सिद्दीकी ने चुनाव आयोग को दी आंदोलन की चेतावनी
कोलकाता। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि एक भी योग्य मतदाता का नाम एसआईआर की अंतिम सूची से हटाया गया, तो उनकी पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसके जरिए आम मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, लेकिन अगर लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला होगा, तो चुप नहीं बैठेंगे। एक भी योग्य वोटर का नाम कटना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
आईएसएफ विधायक ने एसआईआर सुनवाई की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नामचीन और प्रभावशाली लोगों को सुनवाई के नाम पर बुलाया गया, वह बेहद धिक्कारजनक है। इससे साफ होता है कि पूरी प्रक्रिया चयनात्मक और पक्षपातपूर्ण है।नौशाद सिद्दीकी का आरोप है कि आम, गरीब और हाशिए पर खड़े लोगों को इस प्रक्रिया में उचित जानकारी और मौका नहीं दिया जा रहा, जबकि प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी समुदाय या वर्ग के साथ अन्याय न हो। आईएसएफ विधायक ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर एसआईआर की हर प्रक्रिया पर नजर रखे हुए है। यदि फाइनल लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो राज्यभर में आंदोलन, धरना और प्रदर्शन किए जाएंगे।
एसआईआर को लेकर पहले ही तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। अब आईएसएफ की इस चेतावनी के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में वोटर लिस्ट संशोधन का मुद्दा बंगाल की राजनीति में और ज्यादा गर्माने वाला है।