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24 घंटे में प्रति बोरा पर 100 रु. का इजाफा
कोलकाता। पहले टमाटर फिर प्याज और अब आलू की कीमतों ने लोगों को परेशान कर दिया। ठंड के दिनों में 20 रुपए प्रति किलो के दर से बिकने वाली आलू की कीमत इन दिनों बाजार में 40 रुपए पहुंच गयी है और आशंका जतायी जा रही है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और इजाफा होगा। थोक व्यापारियों की हड़ताल शुरू होते ही बाजार में आलू की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। राज्य सरकार द्वारा आलू की 'बाहरी निर्यातÓ पर कड़ी पाबंदी लगाने के बाद व्यापारियों ने सोमवार आधी रात से हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके परिणामस्वरूप मंगलवार सुबह से राज्य के विभिन्न बाजारों में आलू की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ। आलू पोस्ता में रोजाना 15 से 20 गाड़ी आलू पहुंचती थी, लेकिन मंगलवार को केवल एक गाड़ी आलू ही पहुंची है और वो भी पंजाब से। पोस्ता के व्यापारियों ने ताजा टीवी से बात करते हुए बताया कि हड़ताल के कारण कोल्ड स्टोरेज से आलू नहीं निकल रही है, जिसके कारण बाजार में आलू की आवक लगभग ठप्प हो गयी है। ऐसे में खपत अधिक और आवक कम होने के कारण आलू के प्रति बोरे पर 100 से 120 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि व्यापारियों ने कहा कि हड़ताल वापस लेने की खबर राहत वाली है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दाम में और इजाफा नहीं होगा।
दरअसल आलू व्यापारी राज्य सरकार द्वारा आलू के निर्यात पर रोक लगाये जाने के विरोध में है और उनकी मांग है कि निर्यात पर लगाया गया पाबंद हटाया जाए।
आलू व्यापारियों की हड़ताल के कारण मंगलवार सुबह से खुदरा बाजार में आलू की आपूर्ति बंद कर दी गई है। हालांकि मंगलवार को हड़ताल वापस लेने की घोषणा के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही बाजार में आपूर्ति एक बार फिर शुरू हो जायेगी और दाम पर लगाम कसा जायेगा। हड़ताल के कारण मंगलवार को कोल्ड स्टोरेज से कोई नया आलू नहीं उतारा गया। नतीजा यह हुआ कि आज सुबह से खुदरा बाजार में आलू जाना बंद हो गया। आज खुदरा बाजार पर इसका असर नहीं पड़ा है। खुदरा बाजार में जो आलू अभी भी स्टॉक में है, उससे आज और कल खुदरा बाजार की मांग को पूरा करना संभव हो सकता है।
राज्य के कृषि विपणन मंत्री बेचाराम मन्ना और प्रगतिशील आलू व्यापारी संघ के बीच सोमवार को हुई बैठक भी बेनतीजा रही। व्यापारी संघ ने साफ कर दिया कि जब तक राज्य के सीमा क्षेत्रों पर आलू से लदे ट्रकों को रोका जाना बंद नहीं किया जाएगा, तब तक वे अपनी हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे। हड़ताल का असर राज्य के बाजारों में साफ दिख रहा है। मंगलवार को बर्दवान के पुलिस लाइन बाजार, स्टेशन बाजार और नीलपुर बाजार में ज्योति आलू 36 रुपये प्रति किलो और चंद्रमुखी आलू 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सोमवार तक ये आलू 32 रुपये प्रति किलो मिल रहे थे। खुदरा विक्रेताओं ने बताया कि थोक में आलू की कीमत में प्रति बोरी 200 रुपये की बढ़ोतरी के कारण उन्हें कीमत बढ़ानी पड़ी।
पूर्व बर्दवान के लगभग सभी हिमघरों के बाहर ताले लटके हुए हैं। आलू के स्टॉक को बाहर नहीं निकाले जाने के कारण बाजार में आपूर्ति में कमी हो गई है। आलू व्यापारियों की हड़ताल को हिमघर मालिक संघ ने भी समर्थन दिया है।
पूर्व बर्दवान जिला समिति के अध्यक्ष उत्तम पाल ने बताया कि मंगलवार को राज्य व्यापारी संघ की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। बर्दवान के अलावा हुगली, मुर्शिदाबाद, नदिया और पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भी आलू की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। यहां तक कि कोलकाता और सॉल्ट लेक के बाजारों में भी ज्योति और चंद्रमुखी आलू के दाम प्रति किलो तीन रुपये तक बढ़ गए हैं। हड़ताल के वापस लिये जाने के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि बुधवार से आलू की सप्लाई फिर से शुरू हो जायेगी और मंडियों में पहले की तरह ही आलू की खेप पहुंचेगी जिससे खुदरा बाजार में भी आलू की सप्लाई पूरी हो पायेगी।