Please wait
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic सिक्किम टनल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10, ज़हरीली गैस-खराब मौसम के बीच बचाव कार्य जारी Sudhir wins historic यूक्रेन से रवाना वाणिज्यिक पोत पर हमले में चार भारतीयों की मौत, भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत को किया तलब Sudhir wins historic सीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद नड्डा ने धरना खत्म करने का किया अनुरोध Sudhir wins historic मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामें के चलते कार्यवाही रही प्रभावित Sudhir wins historic पी.वी. सिंधु ने रचा इतिहास, अकाने यामागुची को हराकर जीता जापान ओपन 2026 का खिताब Sudhir wins historic सर्वदलीय बैठक : सरकार ने विपक्ष से की विधेयकों पर सार्थक चर्चा और सुचारू संचालन में सहयोग की अपील Sudhir wins historic पूर्व मंत्री तपन दासगुप्ता ने छोड़ी तृणमूल कांग्रेस, भाजपा में शामिल होने के दिए संकेत Sudhir wins historic

विधानसभा में विधायकों द्वारा उठाये गये मुद्दों का होगा समयबद्ध निस्तारण : मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी

20 Jul 2026

विधानसभा में विधायकों द्वारा उठाये गये मुद्दों का होगा समयबद्ध निस्तारण : मुख्यमंत्री

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि अब विधायकों की ओर से उठाए गये सवालों, शिकायतों और मांगों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया कि विधानसभा के मेंशन आवर में उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर संबंधित विधायक को सात दिनों के भीतर लिखित जवाब दिया जाए। पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) करेगा।
विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मेंशन आवर में उठाए गए मामले अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रहेंगे। संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर यह बताना होगा कि सरकार का उस विषय पर क्या रुख है और कार्य कब तक पूरा किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मांग को स्वीकार करना या लागू करना संभव नहीं है तो विभाग को उसके कारण भी लिखित रूप में बताने होंगे। साथ ही हर विभागीय जवाब की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रत्येक मामले की प्रगति की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विधायक की मांग या शिकायत पर सरकार का अंतिम निर्णय तीन महीने के भीतर संबंधित विधायक को बता दिया जाए। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने स्वागत किया। सदन में सदस्यों ने मेज थपथपाकर फैसले का समर्थन किया।
पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस विधायक फिरहाद हकीम ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि विधानसभा में पिछले 15 वर्षों या उससे पहले भी ऐसी व्यवस्था नहीं देखी गई थी। उन्होंने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य विभागों की जवाबदेही तय करना, प्रशासनिक देरी कम करना और विधानसभा के माध्यम से उठाए गए जनहित के मामलों के निस्तारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


विधानसभा में उठाये गये मुद्दों का होगा समयबद्ध निस्तारण
उन्होंने कहा कि इससे जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए जनहित के मुद्दों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News